हिंदी फिल्म उद्योग में पिछले कुछ वर्षों से सांप्रदायिकता पक्षपात के चलते काम कम मिलने को लेकर ए.आर. रहमान के दावे पर वरिष्ठ गायक अनुप जलोटा की प्रतिक्रिया सामने आई है। जलोटा ने एक वीडियो बयान जारी कर ऑस्कर विजेता संगीतकार को लेकर सुझाव दिया है की ए.आर. रहमान फिर से हिंदू धर्म अपना सकते हैं, देखें काम मिलता है या नहीं।
ए.आर. रहमान ने बीबीसी एशियन नेटवर्क को दिए एक साक्षात्कार में कहा कि पिछले करीब आठ वर्षों में उन्हें हिंदी फिल्म इंडस्ट्री में अपेक्षाकृत कम काम मिला है। रहमान ने इसके पीछे सत्ता में बदलाव का हवाला दिया और यह भी संकेत दिया कि इसके कारणों में साम्प्रदायिक पक्षपात भी हो सकता है, हालांकि उन्होंने स्पष्ट किया कि यह उनके सामने सीधे तौर पर व्यक्त नहीं किया गया।
रहमान की इस टिप्पणी पर प्रतिक्रिया देते हुए अनुप जलोटा ने हिंदी में जारी अपने वीडियो संदेश में कहा, “म्यूजिक डायरेक्टर एआर रहमान पहले हिंदू थे और बाद में उन्होंने इस्लाम अपना लिया। उसके बाद उन्होंने बहुत काम किया, शोहरत हासिल की और उन्हें बहुत प्यार मिला। लेकिन अगर उन्हें अब भी लगता है कि धर्म की वजह से उन्हें हमारे देश में काफी काम नहीं मिल रहा है, तो उन्हें फिर से हिंदू बनने के बारे में सोचना चाहिए। उन्हें यह भरोसा होना चाहिए कि एक बार फिर से हिंदू बनने के बाद उन्हें काम मिलने लगेगा। मैंने उनके इंटरव्यू से यही समझा। इसलिए मैं उन्हें ज़ोर देकर सलाह देता हूँ कि वे फिर से हिंदू धर्म अपना लें और देखें कि उन्हें काम मिलता है या नहीं।”
सोशल मीडिया पर इस बयान को लेकर समर्थन और विरोध दोनों तरह की प्रतिक्रियाएं सामने आई हैं।
Anup Jalota: If AR Rahman feels that he is not getting work because he is a Muslim then he should convert and become Hindu again….😂😂😂😂 pic.twitter.com/1NXBg5H2Hs
— Incognito (@Incognito_qfs) January 20, 2026
बीबीसी को दिए इंटरव्यू में ए.आर. रहमान ने कहा था, “हो सकता है कि पिछले आठ सालों में, क्योंकि सत्ता बदली है, और अब ऐसे लोगों के पास पावर है जो क्रिएटिव नहीं हैं। यह सांप्रदायिक बात भी हो सकती है, लेकिन यह मेरे सामने नहीं है। मुझे यह कानाफूसी में पता चला कि उन्होंने आपको बुक किया था, लेकिन म्यूजिक कंपनी ने आगे बढ़कर अपने पाँच कंपोजर हायर कर लिए। मैंने कहा, ‘अरे, यह तो बहुत बढ़िया है। मेरे लिए आराम है। मैं अपने परिवार के साथ चिल कर सकता हूँ।’”
इसी इंटरव्यू में रहमान ने फिल्म छावा को डिविसिव फिल्म बताते हुए कहा, “यह एक बांटने वाली फिल्म है। मुझे लगता है कि इसने बंटवारे का फायदा उठाया, लेकिन इसका मकसद बहादुरी दिखाना है। मैंने डायरेक्टर से पूछा था, ‘इस फिल्म के लिए उन्हें मेरी ज़रूरत क्यों पड़ी?’ लेकिन उन्होंने कहा कि उन्हें सिर्फ़ मेरी ही ज़रूरत थी। यह एक मज़ेदार फिल्म है, लेकिन लोग उससे ज़्यादा समझदार हैं। क्या आपको लगता है कि लोग फिल्मों से प्रभावित होंगे? उनके अंदर एक ज़मीर होता है जो जानता है कि सच क्या है और हेरफेर क्या है।
इस पूरे विवाद पर अन्य कलाकारों की प्रतिक्रियाएं भी सामने आई हैं। अभिनेत्री कंगना रनौत ने रहमान की टिप्पणियों की आलोचना करते हुए असहमति जताई, जबकि गायक शान ने कहा कि कलाकारों के करियर में काम का कम या ज्यादा होना जरूरी नहीं कि धर्म से जुड़ा हो।
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