एयर इंडिया की अहमदाबाद उड़ान दुर्घटना की जांच को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार (7 नवंबर) को केंद्र सरकार और DGCA को नोटिस जारी किया है। यह नोटिस पायलट पुष्कराज सबरवाल के पिता द्वारा दायर याचिका पर जारी किया गया, जिसमें उन्होंने दुर्घटना की “निष्पक्ष, पारदर्शी और तकनीकी रूप से सुदृढ़” जांच की मांग की है। इस हादसे में पायलट की जान चली गई थी।
जस्टिस जॉयमाल्या बागची और जस्टिस जे. सूर्यकांत की पीठ ने सुनवाई के दौरान कहा कि शुरुआती जांच रिपोर्ट में कहीं भी यह संकेत नहीं है कि दुर्घटना के लिए पायलट जिम्मेदार थे। अदालत ने मीडिया और अन्य जगहों पर फैल रही गलत सूचनाओं पर चिंता जताई। पीठ ने कहा, “Air India अहमदाबाद क्रैश में पायलट को दोष नहीं दिया जाना चाहिए। यह एक दुखद घटना है, लेकिन प्रारंभिक रिपोर्ट में पायलट की कोई गलती नहीं बताई गई है। ऐसी गलत रिपोर्टिंग नहीं होनी चाहिए।”
याचिकाकर्ता की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता गोपाल शंकरनारायणन ने कहा कि दुर्घटना की वर्तमान जांच केवल प्रारंभिक स्तर की है, जो Rule 9 के तहत होती है। उन्होंने कहा कि Rule 11 घटनाओं के लिए है, जबकि यह मामला गंभीर विमान दुर्घटना का है, इसलिए एक स्वतंत्र और गहन जांच आवश्यक है।
अधिवक्ता ने तर्क दिया कि यह जांच अंतरराष्ट्रीय विमान दुर्घटना जांच मानकों (ICAO Conventions) का पालन करते हुए की जानी चाहिए, ताकि सच्चाई सामने आ सके और किसी भी तरह की लापरवाही या तकनीकी त्रुटि का सही मूल्यांकन हो सके। सुप्रीम कोर्ट ने पायलट के पिता के दुख को समझते हुए कहा कि न्यायिक प्रक्रिया में पारदर्शिता और विश्वसनीयता बेहद महत्वपूर्ण है। पीठ ने कहा कि दुर्घटना में जान गंवाने वाले पायलट पर बिना आधार के आरोप लगना अनुचित और अमानवीय है। सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र और नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) को याचिका पर जवाब दाखिल करने को कहा है। मामले की अगली सुनवाई अगले सप्ताह होगी।
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