वॉशिंगटन में राजनीतिक टकराव ने एक बार फिर अमेरिकी सरकार को पंगु बना दिया है। बुधवार को आधी रात 12:01 बजे से लागू हुआ यह शटडाउन 1981 के बाद 15वां और पिछले 6 वर्षों में पहला है। सीनेट में स्टॉपगैप फंडिंग बिल पारित न होने के कारण सरकारी कामकाज ठप हो गया। वोटिंग में बिल को 45 समर्थन और 55 विरोध मिले।
सरकारी शटडाउन से सबसे बड़ा असर 7.5 लाख संघीय कर्मचारियों पर पड़ा है, जिन्हें फिलहाल बिना वेतन के काम करना होगा या फिर जबरन छुट्टी (furlough) पर भेजा जाएगा। अनुमान है कि इससे अमेरिकी अर्थव्यवस्था को हर दिन लगभग 400 मिलियन डॉलर का नुकसान होगा।
इस शटडाउन के कारण अमेरिकी सेना और बॉर्डर एजेंट बिना वेतन काम करेंगे, एयर ट्रैवल में देरी होगी, वैज्ञानिक शोध कार्य स्थगित होंगे और शिक्षा विभाग अपने 90% कर्मचारियों को छुट्टी पर भेज देगा। स्मिथसोनियन म्यूज़ियम और नेशनल जू भी बंद कर दिए गए हैं। इसके अलावा लेबर डिपार्टमेंट की मासिक रोजगार रिपोर्ट, जो अमेरिकी अर्थव्यवस्था के लिए अहम मानी जाती है, अब जारी नहीं होगी।
इस गतिरोध की जड़ स्वास्थ्य सेवाएं हैं। डेमोक्रेट्स का कहना है कि बजट में अफोर्डेबल केयर एक्ट (ObamaCare) के तहत मिलने वाली सब्सिडी का विस्तार शामिल होना चाहिए, वरना 2.4 करोड़ अमेरिकियों की प्रीमियम दरें बढ़ जाएंगी। सीनेट डेमोक्रेटिक लीडर चक शूमर ने कहा, “यह योजना अमेरिका की सबसे बड़ी स्वास्थ्य सेवा संकट का बिल्कुल भी समाधान नहीं करती।”
वहीं रिपब्लिकन पार्टी का कहना है कि डेमोक्रेट्स राष्ट्रपति ट्रंप के हर कदम का विरोध कर रहे हैं और इसी बहाने बजट को बंधक बना रहे हैं। सीनेट रिपब्लिकन लीडर जॉन थ्यून ने कहा,“लेफ्ट का राष्ट्रपति ट्रंप की हर बात का विरोध करना अमेरिकी जनता को सरकारी शटडाउन की पीड़ा झेलने का सही कारण नहीं हो सकता।”
राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस संकट से पहले चेतावनी दी थी, “हम बहुत से लोगों को नौकरी से निकाल देंगे। वे डेमोक्रेट्स होंगे।” यह बयान पहले से ही तनावपूर्ण हालात को और भड़काने वाला माना जा रहा है। व्हाइट हाउस ने सोशल मीडिया पर टाइमर की तस्वीर पोस्ट करते हुए इसे डेमोक्रेट शटडाउन करार दिया। ट्रंप प्रशासन ने पहले ही 1.5 लाख कर्मचारियों के लिए “बायआउट प्रोग्राम” शुरू किया है, जिसे पिछले 80 वर्षों का सबसे बड़ा एग्जिट बताया जा रहा है।
यह स्थिति नई नहीं है। 2018 में भी ट्रंप के बॉर्डर वॉल फंडिंग की मांग पर 35 दिनों तक सरकारी शटडाउन चला था, जो अमेरिकी इतिहास का सबसे लंबा बंद था। हालांकि रिपब्लिकन नेता जॉन थ्यून का कहना है कि सप्ताह के अंत तक गतिरोध तोड़ने की कोशिश की जाएगी, लेकिन फिलहाल डेमोक्रेट्स और रिपब्लिकन के बीच कोई समझौते के आसार नहीं दिख रहे।
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