उत्तर प्रदेश के बरेली में कल हुए विवाद में अब तक 35 लोग अरेस्ट किए गए हैं, बरेली के अलग अलग 3 थानों में 10 FIR दर्ज की गई है। इसके अलावा 1700 अज्ञात आरोपियों के खिलाफ मुक़दमा दर्ज हो चूका है। इसके अलावा पुलिस प्रशासन की और से चार इलाक़ों के CCTV को भी खंगाला जा रहा है। इत्तेहाद-ए-मिल्लत काउंसिल के सुप्रीमो तौकीर रजा अज्ञात जगह पर हिरासत में हैं। 17 पुलिस के लोग घायल और 40 से ज्यादा लोग घायल हैं।
वहीं उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बरेली में शुक्रवार (26 सितंबर)को हुई हिंसा और मौलाना तौकीर रजा खान के बयानों को लेकर कड़ा रुख अपनाया है। सीएम ने कहा कि मौलाना भूल गए हैं कि राज्य में किसकी सरकार है और ऐसे लोगों को ऐसा सबक सिखाया जाएगा कि उनकी आने वाली पीढ़ियां दंगा करने से पहले सोचेंगी।
मौलाना तौकीर रजा पर निशाना
सीएम योगी ने मौलाना तौकीर रजा पर निशाना साधते हुए कहा, “कल बरेली में एक मौलाना भूल गया कि राज्य में सत्ता किसकी है। उसे लगा कि वो जब चाहे व्यवस्था को रोक सकता है, लेकिन हमने साफ कर दिया कि न तो नाकाबंदी होगी और न ही कर्फ्यू। हालांकि, हमने जो सबक सिखाया है, उससे आने वाली पीढ़ियां दंगे करने से पहले दो बार सोचेंगी। व्यवस्था को रोकने का ये कैसा तरीका है? 2017 से पहले यूपी में यही चलन था, लेकिन 2017 के बाद हमने कर्फ्यू तक नहीं लगने दिया। उत्तर प्रदेश के विकास की कहानी यहीं से शुरू होती है.”
उन्होंने यह भी कहा कि पहले के समय में दंगाइयों को सम्मानित किया जाता था और पेशेवर अपराधियों और माफियाओं के सामने सत्ता झुकती थी। उन्होंने कहा, “आपने बहुत दृश्य देखे होंगे कि कैसे सत्ता का मुखिया एक माफिया के कुत्ते से हाथ मिला कर गौरवान्वित महसूस करता था।”
बरेली हिंसा का विवरण
बरेली में शुक्रवार को जुमे की नमाज के बाद ‘आई लव मोहम्मद’ के बैनर और नारों को लेकर तनावपूर्ण स्थिति उत्पन्न हुई। इसके बाद इत्तेहाद-ए-मिल्लत काउंसिल (आईएमसी) के अध्यक्ष मौलाना तौकीर रजा को प्रशासन ने नजरबंद कर दिया और शहर में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी।
बरेली के थाना बारादरी क्षेत्र में फइक एंक्लेव में मौलाना तौकीर के आवास के बाहर भारी पुलिस बल तैनात किया गया। तौकीर रजा ने आरोप लगाया कि प्रशासन ने उनकी लोकेशन का पता लगा लिया और डीएम समेत अधिकारी उनके आवास पर पहुंचे, उन्हें बाहर जाने से रोक दिया।
जिला प्रशासन ने कहा कि यह कदम शांति और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए उठाया गया है। पुलिस ने लोगों से शांति बनाए रखने और सोशल मीडिया पर भड़काऊ सामग्री साझा न करने की अपील की। शहर में अतिरिक्त पुलिस बल और आरएएफ की तैनाती की गई है।
मौलाना तौकीर रजा बरेली से एक मजहबी नेता हैं, जिनका ताल्लुक सुन्नी मुसलमानों के बरेलवी फिरके से है।तौकीर रजा की पार्टी का नाम इत्तेहाद-ए-मिल्लत परिषद है। उनके बुलावे पर जुमे की नमाज के बाद ‘आई लव मोहम्मद’ के नारेबाजी हुई, और पुलिस पर पत्थरबाजी की गई। इसके जवाब में पुलिस को स्थिति नियंत्रण में लाने के लिए लाठीचार्ज करना पड़ा।
बरेली हिंसा की जांच के दौरान पता चला है कि हिंसा की प्लानिंग 5 दिन से चल रही थी। पुलिस के मुताबिक साजिश में जो भी लोग शामिल थे उनकी पहचान की जा रही है। इसके अलावा सभी उपद्रवियों और साजिश में शामिल लोगों पर NSA के तहत कार्रवाई की जाएगी। ऑर्गनाइजर्स के खिलाफ भी NSA लगाने की तैयारी की जा रही है।
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