661 करोड़ रुपये के कथित लोन फ्रॉड मामले में CBI की कई शहरों में छापेमारी

IDFC फर्स्ट बैंक और AU स्मॉल फाइनेंस बैंक में सरकारी धन के दुरुपयोग की जांच तेज, अधिकारियों और निजी कंपनी के ठिकाने खंगाले गए

CBI raids multiple cities in connection with an alleged ₹661 crore loan fraud case.

केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) ने हरियाणा सरकार और चंडीगढ़ प्रशासन के विभागों से जुड़े 661 करोड़ रुपये के कथित वित्तीय घोटाले की जांच के तहत शुक्रवार (5 जून)को बड़ी कार्रवाई करते हुए चंडीगढ़, पंचकूला और दिल्ली-एनसीआर के छह स्थानों पर छापेमारी की। यह कार्रवाई सरकारी धन के कथित दुरुपयोग और बैंक अधिकारियों के साथ मिलीभगत के आरोपों की जांच के सिलसिले में की गई।

सीबीआई के आधिकारिक बयान के अनुसार, जांच के दायरे में हरियाणा कैडर के कुछ वरिष्ठ सरकारी अधिकारी, नोएडा स्थित विपम कंसल्टेंसी प्राइवेट लिमिटेड और उसके निदेशक से जुड़े परिसर शामिल हैं। एजेंसी का आरोप है कि आईडीएफसी फर्स्ट बैंक और एयू स्मॉल फाइनेंस बैंक में जमा सरकारी धन का कथित रूप से अनियमित तरीके से इस्तेमाल किया गया।

जांच एजेंसी के मुताबिक, इस कथित धोखाधड़ी से हरियाणा सरकार के आठ विभाग प्रभावित हुए हैं। इसके अलावा चंडीगढ़ प्रशासन के दो विभाग, चंडीगढ़ नगर निगम और चंडीगढ़ नवीकरणीय ऊर्जा एवं विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी संवर्धन सोसायटी (सीआरईएसटी) भी इस मामले से प्रभावित बताए गए हैं।

सीबीआई का दावा है कि जांच के दौरान ऐसे साक्ष्य सामने आए हैं, जिनसे संकेत मिलता है कि कुछ सरकारी कर्मचारियों ने बैंक अधिकारियों के साथ मिलकर खाते खुलवाए और सरकारी धन के हस्तांतरण को अंजाम दिया। आरोप है कि बाद में इस धनराशि का इस्तेमाल अन्य उद्देश्यों के लिए किया गया। एजेंसी के अनुसार, संबंधित अधिकारियों ने कथित तौर पर लेन-देन को आसान बनाने और अनियमितताओं पर कार्रवाई नहीं करने के बदले अनुचित लाभ भी प्राप्त किए।

जांच में यह भी सामने आया है कि विपम कंसल्टेंसी प्राइवेट लिमिटेड के बैंक खाते में कथित अपराध से अर्जित धन जमा किया गया, जिसे बाद में कंपनी के निदेशक के निजी खाते में स्थानांतरित कर दिया गया। छापेमारी के दौरान सीबीआई ने कई आपत्तिजनक दस्तावेज, डिजिटल उपकरण, संपत्ति से जुड़े कागजात और अन्य महत्वपूर्ण सामग्री जब्त की है।

यह जांच हरियाणा राज्य सतर्कता एवं भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो से प्राप्त एक मामले और चंडीगढ़ की आर्थिक अपराध शाखा द्वारा दर्ज दो मामलों से संबंधित है। इन मामलों में आपराधिक साजिश, सरकारी धन के दुरुपयोग और लोक सेवकों व बैंक अधिकारियों की कथित मिलीभगत की जांच की जा रही है।

सीबीआई ने बताया कि पंचकूला की विशेष अदालत में इस मामले में पहला आरोपपत्र दाखिल किया जा चुका है। आरोपपत्र में हरियाणा पावर जनरेशन कॉर्पोरेशन लिमिटेड और हरियाणा स्कूल शिक्षा परियोजना परिषद के कुछ लोक सेवकों की कथित भूमिका का विस्तृत उल्लेख किया गया है। इसमें सरकारी धन की हेराफेरी के लिए अपनाए गए कथित तरीकों का भी विवरण शामिल है।

यह भी पढ़ें:

टीबी मरीजों की रिकवरी बढ़ाएंगे ये पौष्टिक आहार, रखें थाली में!

अंडर-18 हॉकी एशिया कप जीत पर पीएम मोदी की बधाई!

अभिषेक बनर्जी के करीबी कैलाश मिश्रा गिरफ्तार

Exit mobile version