राजस्थान: चोमू में अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई, पुलिस पर पथराव के बाद चला बुलडोजर

स मामले में 110 से अधिक लोगों को हिरासत में लिया गया, जिनमें से कम से कम 19 लोगों की गिरफ्तारी की गई। गिरफ्तार आरोपियों में मुख्तार अली, मोहसिन खान सहित अन्य नाम शामिल हैं।

राजस्थान: चोमू में अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई, पुलिस पर पथराव के बाद चला बुलडोजर

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राजस्थान के जयपुर से करीब 40 किलोमीटर दूर स्थित चोमू कस्बे में गुरुवार (1 जनवरी) सुबह प्रशासन ने बड़े पैमाने पर अतिक्रमण हटाओ अभियान शुरू किया। इस कार्रवाई के तहत बस स्टैंड क्षेत्र और पठान मोहल्ला (इमाम चौक) समेत कई इलाकों में सार्वजनिक सड़कों पर किए गए अवैध निर्माणों को बुलडोज़र से हटाया गया। किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए पूरे इलाके में भारी पुलिस बल तैनात किया गया।

यह कार्रवाई 26 दिसंबर 2025 की रात हुई हिंसक घटना के करीब एक सप्ताह बाद की गई है। दरअसल चोमू बस स्टैंड के पास स्थित कालंदरी मस्जिद के बाहर सड़क पर पड़े बड़े-बड़े पत्थरों को हटाने के दौरान हालात बिगड़ गए थे। ये पत्थर लंबे समय से सड़क किनारे जमा थे, जिससे सड़क संकरी हो गई थी और वर्षों से यातायात बाधित हो रहा था। स्थानीय लोगों के अनुसार, कुछ पत्थर 40 साल से अधिक समय से वहां पड़े थे, लेकिन क्षेत्र में आर्थिक गतिविधियों और वाहनों की संख्या बढ़ने से समस्या गंभीर हो गई थी।

स्थानीय नागरिकों की शिकायतों के बाद प्रशासन ने मामले को संज्ञान में लिया। बताया गया कि मस्जिद कमेटी और नगर पालिका प्रशासन के बीच सहमति बनी थी, जिसके तहत सड़क से पत्थर हटाए जाने थे। इसके अनुसार 25 दिसंबर को पुलिस और मशीनरी मौके पर पहुंची और शुरुआती तौर पर शांति से पत्थर हटाने का काम हुआ।

हालांकि, जब प्रशासन ने भविष्य में अतिक्रमण रोकने के लिए सड़क किनारे लोहे की रेलिंग लगाने की कोशिश की, तो  स्थानीय लोगों ने इसका विरोध किया। देर रात यह विरोध पथराव में बदल गया, जिसमें कई पुलिसकर्मी घायल हो गए। पुलिस ने स्थिति नियंत्रित करने के लिए आंसू गैस और हल्का बल प्रयोग किया। इस मामले में 110 से अधिक लोगों को हिरासत में लिया गया, जिनमें से कम से कम 19 लोगों की गिरफ्तारी की गई। गिरफ्तार आरोपियों में मुख्तार अली, मोहसिन खान सहित अन्य नाम शामिल हैं।

घटना के बाद इलाके में फ्लैग मार्च किया गया और अफवाहों को रोकने के लिए अस्थायी रूप से इंटरनेट सेवाएं निलंबित कर दी गईं। इसके बाद 29 दिसंबर को नगर परिषद ने चार अवैध निर्माणों और करीब 20 अवैध बूचड़खानों के संचालकों को नोटिस जारी कर तीन दिन के भीतर सीढ़ियां, रैंप, प्लेटफॉर्म जैसे अतिक्रमण हटाने के निर्देश दिए। साथ ही, पुलिस पर पथराव के आरोपी 24 लोगों के घरों पर भी नोटिस चस्पा किए गए।

जब 31 दिसंबर तक नोटिस का कोई जवाब नहीं मिला और अतिक्रमण नहीं हटाए गए, तो 1 जनवरी को चोमू नगर परिषद ने नगर कानूनों और अदालती निर्देशों का हवाला देते हुए बुलडोज़र कार्रवाई शुरू की। नगर परिषद के स्वास्थ्य निरीक्षक संदीप सिंह काविया ने कहा, “तीन दिन पहले 20–22 लोगों को सड़क पर किए गए अतिक्रमण हटाने के नोटिस दिए गए थे। समयसीमा पूरी होने के बाद अब कार्रवाई की जा रही है।”

“ऑपरेशन क्लीन” के तहत अशोक प्लाज़ा से इमाम चौक तक करीब 50 से अधिक घरों और दुकानों के बाहर बने अवैध रैंप, दीवारें और अन्य ढांचे हटाए गए। कार्रवाई के दौरान कुछ महिलाओं ने विरोध किया, जिन्हें पुलिस ने हटाया। कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए राजस्थान सशस्त्र बल (RAC) की एक कंपनी समेत अतिरिक्त बल तैनात किया गया।

प्रशासन ने स्पष्ट किया कि सड़क चौड़ी करने और यातायात सुचारु बनाने के लिए यह कदम जरूरी है और आगे भी अतिक्रमण के खिलाफ कार्रवाई जारी रहेगी। इस दौरान मस्जिद के बाहर मलबा हटाते समय एक पुरानी एयरगन भी बरामद होने की जानकारी दी गई। जहां कुछ लोग कार्रवाई का विरोध कर रहे हैं, वहीं कस्बे के कई निवासियों ने इसका समर्थन करते हुए कहा कि वर्षों से सड़क बाधित थी और बिना लाइसेंस चल रहे बूचड़खाने व मांस की दुकानें सार्वजनिक परेशानी और गंदगी का कारण बन रही थीं।

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