BSNL निदेशक के प्रयागराज दौरे पर विवाद: शाही प्रोटोकॉल पर सरकार की ओर से मिला नोटिस

BSNL निदेशक के प्रयागराज दौरे पर विवाद: शाही प्रोटोकॉल पर सरकार की ओर से मिला नोटिस

Controversy over BSNL Director's visit to Prayagraj: Government notice received

प्रयागराज की प्रस्तावित यात्रा के लिए बनाए गए विस्तृत प्रोटोकॉल प्लान पर विवाद खड़ा होने के बाद केंद्र सरकार ने भारत संचार निगम लिमिटेड (BSNL) के एक वरिष्ठ अधिकारी के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई शुरू कर दी है। केंद्रीय संचार मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने इस पूरे प्रकरण को चौंकाने वाला, अनुचित और अस्वीकार्य करार दिया है।

यह मामला BSNL के निदेशक विवेक बंज़ल के प्रस्तावित प्रयागराज दौरे से जुड़ा है, जिसके लिए जारी एक आंतरिक कार्यालय आदेश सोशल मीडिया पर वायरल हो गया था। दस्तावेज में दौरे के लिए 50 से अधिक अधिकारियों और कर्मचारियों की ड्यूटी लगाने, विशेष आतिथ्य प्रबंध और धार्मिक कार्यक्रमों की विस्तृत तैयारी का उल्लेख था। इसे लेकर सार्वजनिक संसाधनों के दुरुपयोग के आरोप लगे और व्यापक आलोचना शुरू हो गई।

BSNL के निदेशक विवेक बंजल के बारे में केंद्रीय कम्युनिकेशन मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कहा, “मैंने यह साफ़ कर दिया है कि यह गलत है और पहले से बने नियमों और परंपराओं का उल्लंघन है। यह मुझे मंज़ूर नहीं है। यह चौंकाने वाला है। डायरेक्टर को सात दिन के जवाब के साथ शो-कॉज़ नोटिस पहले ही जारी कर दिया गया है। हम सही एक्शन लेंगे।”

सरकारी अधिकारियों ने इस प्रोटोकॉल को अत्यधिक निंदनीय बताया और कहा कि मामले को “आसानी से नहीं छोड़ा जाएगा।” सूत्रों के मुताबिक, “सरकार इस घटना को पूरी तरह से अजीब और नामंज़ूर मानती है।  इस तरह की घटनाएं संस्थागत साख को नुकसान पहुंचाती हैं, जवाबदेही तय की जाएगी।”

विवादित दस्तावेज के अनुसार, दौरे को सुचारु बनाने के लिए अलग-अलग टीमों को जिम्मेदारी सौंपी गई थी। जिसमें 50 लोगों को अलग-अलग काम बांटे गए थे। रेलवे स्टेशन पर रिसेप्शन से लेकर मंदिर दर्शन, त्रिवेणी संगम में स्नान, भोजन, स्थानीय परिवहन और व्यक्तिगत व्यवस्थाओं तक का मिनट-टू-मिनट कार्यक्रम तय किया गया था।

‘स्नान’ किट में तौलिए, अंत:वस्त्र और व्यक्तिगत उपयोग की वस्तुएं रखने के निर्देश थे। वाहनों में पानी की बोतलें, नाश्ता और अन्य सुविधाएं उपलब्ध कराने को कहा गया था। यहां तक कि फोटोग्राफी और स्नान के बाद निजी सामान संभालने के लिए भी कर्मचारियों को नामित किया गया था।

19 फरवरी को जारी यह संचार सोशल मीडिया पर वायरल होते ही शाही प्रोटोकॉल कहकर आलोचना होने लगी और वीआईपी संस्कृति पर बहस छिड़ गई। बढ़ते विवाद और उच्च स्तर पर संज्ञान लिए जाने के बाद प्रस्तावित यात्रा एक दिन के भीतर रद्द कर दी गई।

BSNL के जनसंपर्क अधिकारी आशीष गुप्ता ने पुष्टि की कि निदेशक बंज़ल का प्रयागराज कार्यक्रम वापस ले लिया गया है और जारी प्रोटोकॉल अब अमान्य माना जाए। हालांकि, उन्होंने विवाद पर टिप्पणी करने से इनकार किया। सरकारी सूत्रों का कहना है कि जब BSNL वित्तीय दबाव का सामना कर रहा है, ऐसे समय में इस तरह की घटनाएं प्रशासनिक जवाबदेही के सवाल खड़े करती हैं। मामले की जांच जारी है और जवाब मिलने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।

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