28 C
Mumbai
Saturday, February 7, 2026
होमन्यूज़ अपडेटदिल्ली बाइक सवार की मौत मामले में पहली गिरफ्तारी; सब-कॉन्ट्रैक्टर हिरासत में

दिल्ली बाइक सवार की मौत मामले में पहली गिरफ्तारी; सब-कॉन्ट्रैक्टर हिरासत में

जल बोर्ड के तीन इंजीनियर सस्पेंड

Google News Follow

Related

दिल्ली के जनकपुरी इलाके में खुले गड्ढे में गिरकर 25 वर्षीय बाइक सवार कमल ध्यानी की मौत के मामले में पहली गिरफ्तारी कर ली गई है। दिल्ली पुलिस ने दिल्ली जल बोर्ड (DJB) के सब-कॉन्ट्रैक्टर राजेश प्रजापति को हिरासत में लिया है। यह कार्रवाई घटना के एक दिन बाद की गई है। कमल ध्यानी की मौत ने राजधानी में निर्माण कार्यों की लापरवाही और जवाबदेही को लेकर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

यह हादसा गुरुवार (5 फरवरी) देर रात हुआ, जब कमल ध्यानी काम से घर लौट रहे थे। वह एक निजी बैंक के कॉल सेंटर में कार्यरत थे। रास्ते में जनकपुरी इलाके में चल रहे जल बोर्ड के काम के दौरान खोदे गए खुले गड्ढे में उनकी बाइक गिर गई, जिससे मौके पर ही उनकी मौत हो गई। घटना की सूचना मिलने के बाद पुलिस शुक्रवार (6 फरवरी)सुबह मौके पर पहुंची और गड्ढे के अंदर से शव और क्षतिग्रस्त दोपहिया वाहन बरामद किया।

मामले में जनकपुरी थाने में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 105 (गैर-इरादतन हत्या) के तहत एफआईआर दर्ज की गई है। एफआईआर में ठेकेदार और संबंधित DJB अधिकारियों को आरोपी बनाया गया है। पुलिस का कहना है कि प्रारंभिक जांच में कार्यस्थल पर सुरक्षा मानकों की गंभीर अनदेखी सामने आई है।

दिल्ली सरकार की सख्त कार्रवाई

घटना के बाद भाजपा-नेतृत्व वाली दिल्ली सरकार ने त्वरित कार्रवाई करते हुए दिल्ली जल बोर्ड के तीन इंजीनियरों को निलंबित कर दिया है। इनमें एक एग्जीक्यूटिव इंजीनियर, एक असिस्टेंट इंजीनियर और एक जूनियर इंजीनियर शामिल हैं। इस संबंध में दिल्ली सरकार के मंत्री पर्वेश साहिब सिंह वर्मा ने कहा, “हम तीन अधिकारियों को सस्पेंड कर रहे हैं। इस साइट पर चल रहे काम की निगरानी करना इन अधिकारियों की जिम्मेदारी थी।”

मंत्री ने यह भी स्पष्ट किया कि परियोजना को अंजाम देने वाली कंपनी के खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी। साथ ही, उन्होंने दिल्ली जल बोर्ड की ओर से पीड़ित परिवार को मुआवजा दिए जाने का आश्वासन दिया।

स्थानीय लोगों के मुताबिक, उक्त स्थल पर पिछले तीन महीनों से काम चल रहा था, लेकिन गड्ढा गुरुवार को ही खोदा गया था। इसके बावजूद न तो उचित बैरिकेडिंग की गई और न ही कोई चेतावनी संकेत लगाए गए। हादसे के बाद इलाके में भारी नाराज़गी देखने को मिली और स्थानीय लोगों ने जिम्मेदारों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की।

हाई-लेवल जांच के आदेश:

सरकार ने मामले की उच्च स्तरीय जांच के आदेश दिए हैं, ताकि यह पता लगाया जा सके कि लापरवाही किन स्तरों पर हुई और इसके लिए कौन-कौन जिम्मेदार है। पुलिस भी ठेकेदार, साइट सुपरवाइज़र और संबंधित अधिकारियों की भूमिका की बारीकी से जांच कर रही है।

गौरतलब है कि यह कोई अकेली घटना नहीं है। पिछले महीने, जनवरी के मध्य में, नोएडा सेक्टर 150 में एक निर्माण स्थल के पास पानी से भरे गड्ढे में कार गिरने से 27 वर्षीय सॉफ्टवेयर इंजीनियर युवराज मेहता की मौत हो गई थी। लगातार हो रही ऐसी घटनाओं ने शहरी इलाकों में चल रहे निर्माण कार्यों की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर चिंता पैदा कर दी है।

यह भी पढ़ें:

भारत-अमेरिका ट्रेड डील से दोनों देशों के निर्यातकों के लिए बढ़ेंगे अवसर : इंडस्ट्री!

मुंबई मेयर चुनाव: ऋतु तावडे का नामांकन, बांग्लादेशियों पर सख्त रुख!

भारतीय सुखोई-30 और थाई ग्रिपेन की मलक्का में होगी जोरदार जंग!

National Stock Exchange

लेखक से अधिक

कोई जवाब दें

कृपया अपनी टिप्पणी दर्ज करें!
कृपया अपना नाम यहाँ दर्ज करें

The reCAPTCHA verification period has expired. Please reload the page.

Star Housing Finance Limited

हमें फॉलो करें

151,252फैंसलाइक करें
526फॉलोवरफॉलो करें
290,000सब्सक्राइबर्ससब्सक्राइब करें

अन्य लेटेस्ट खबरें