केंद्रीय वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने शनिवार को सरकारी ई-मार्केटप्लेस (GeM) के सफल 9 वर्षों की सराहना करते हुए इसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘मिनिमम गवर्नमेंट, मैक्सिमम गवर्नेंस’ दृष्टिकोण का सशक्त उदाहरण बताया। उन्होंने कहा कि यह प्लेटफॉर्म पारदर्शिता, समावेशिता और दक्षता की आधारशिला बन चुका है।
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर गोयल ने लिखा, “भारत की सबसे प्रभावशाली डिजिटल गवर्नेंस पहलों में से एक के रूप में 9 वर्ष पूरे करने पर सरकारी ई-मार्केटप्लेस को बधाई।” केंद्रीय मंत्री के अनुसार, वित्त वर्ष 2025-26 में अब तक GeM के जरिए 1.52 लाख करोड़ रुपये की सरकारी खरीद हो चुकी है। वहीं, 2016 में शुरू होने के बाद से अब तक 3 करोड़ ऑर्डर्स के माध्यम से कुल 14.91 लाख करोड़ रुपये से अधिक की संचयी खरीद हुई है। वाणिज्य मंत्रालय के आंकड़ों के मुताबिक, वित्त वर्ष 2024-25 में GeM का ग्रॉस मर्चेंडाइज वैल्यू (GMV) 5.4 लाख करोड़ रुपये के पार पहुंच गया।
गोयल ने बताया कि यह पहल एमएसई, महिला उद्यमियों, स्वयं सहायता समूहों (SHG), आदिवासी कारीगरों, बुनकरों, स्टार्टअप्स और दिव्यांगजनों जैसे कम प्रतिनिधित्व वाले विक्रेता समूहों की भागीदारी को सक्रिय रूप से बढ़ावा देती है। पंचायत स्तर पर डिजिटल खरीद को प्रोत्साहित करने के लिए GeM को ई-ग्राम स्वराज पोर्टल से भी जोड़ा गया है। गोयल के मुताबिक, GeM का विकास केवल संख्या में बढ़ोतरी नहीं है, बल्कि इसका असर गहराई से स्थानीय समुदायों को सशक्त बना रहा है, लागत प्रभावी खरीद को संभव कर रहा है और आत्मनिर्भर भारत के लक्ष्य को मजबूत कर रहा है।
GeM के मुख्य कार्यकारी अधिकारी मिहिर कुमार ने कहा, “हम यह सुनिश्चित करने पर केंद्रित हैं कि आदिवासी कारीगरों से लेकर तकनीक-आधारित स्टार्टअप तक, हर उद्यम को सार्वजनिक खरीद के अवसर आसानी से मिलें।” 2016 में लॉन्च हुआ GeM आज देश भर के विक्रेताओं और सेवा प्रदाताओं को जोड़ने वाला एक मजबूत डिजिटल खरीद प्लेटफॉर्म बन चुका है, जो पारदर्शी, समावेशी और कुशल सार्वजनिक खरीद की दिशा में अहम भूमिका निभा रहा है।
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