गाजा संघर्ष को लेकर एक बड़ा घटनाक्रम सामने आया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा ‘अंतिम चेतावनी’ देने के बाद फ़िलिस्तीनी आतंकी संगठन हमास ने बयान जारी कर कहा है कि वह तुरंत बातचीत की मेज पर बैठने को तैयार है। आतंकी संगठन ने कहा है की वह युद्धविराम, गाजा पट्टी से पूर्ण इज़राइली वापसी और गाजा के प्रबंधन के लिए स्वतंत्र फ़िलिस्तीनी समिति के गठन पर चर्चा करना चाहता है।
आतंकी संगठन हमास के बयान में कहा गया, “हम अपने लोगों पर हो रहे हमले को रोकने की दिशा में किसी भी कदम का स्वागत करते हैं। हमें अमेरिकी पक्ष से कुछ सुझाव मिले हैं, जिन पर मध्यस्थों के साथ लगातार बातचीत चल रही है। हमारा उद्देश्य इन्हें एक व्यापक समझौते में बदलना है, जो हमारी शर्तों को पूरा करे।”
रविवार (7 सितंबर)को न्यूयॉर्क से वॉशिंगटन लौटने से पहले पत्रकारों से बातचीत में राष्ट्रपति ट्रंप ने दोहराया कि गाजा को लेकर जल्द ही समझौता होगा। उन्होंने कहा, “मेरा मानना है कि गाजा पर बहुत जल्द एक डील होगी। यह एक कठिन समस्या है, जिसे हम मध्य पूर्व, इज़राइल और सभी के लिए हल करना चाहते हैं। यह काम हम पूरा करेंगे।”
ट्रंप ने इस दौरान बंधकों के मुद्दे पर भी टिप्पणी की। उनके मुताबिक गाजा में अब “20 से कम लोग जीवित हो सकते हैं, क्योंकि भले ही वे युवा हों, वहां की परिस्थितियों में वे मर जाते हैं।” इज़राइली अधिकारियों के अनुमान से गाजा में अब भी 48 बंधक मौजूद हैं, जिनमें से 26 की मौत हो चुकी है और 20 जीवित हैं, जबकि 2 के बारे में स्थिति स्पष्ट नहीं है। ट्रंप ने कहा कि समझौते के तहत सभी बंधकों को लौटाया जाएगा, चाहे वे जीवित हों या मृत। उनके शब्दों में, “मेरा मानना है कि हम सभी को वापस लाने में सफल होंगे।”
ट्रंप के बयान और हमास की सहमति के बाद अब सभी की निगाहें मध्यस्थ देशों और अंतरराष्ट्रीय प्रयासों पर टिकी हैं। यदि यह वार्ता आगे बढ़ती है तो गाजा संघर्ष को समाप्त करने की दिशा में यह सबसे अहम कदम साबित हो सकता है।
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