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Tuesday, March 31, 2026
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भारत-रूस मिलकर बनाएंगे 800 किमी रेंज की नई ब्रह्मोस मिसाइल

मारक क्षमता में बड़ा इजाफा

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भारत और रूस के बीच रक्षा सहयोग को नई मजबूती मिल रही है। दोनों देश मिलकर ब्रह्मोस क्रूज़ मिसाइल का एक नया संस्करण विकसित कर रहे हैं, जिसकी मारक क्षमता 800 किलोमीटर तक होगी। यह मौजूदा संस्करणों की तुलना में बड़ा उछाल है, जिनकी रेंज लगभग 450 किलोमीटर के आसपास है।

इस नए वर्जन के विकसित होने से भारत को दुश्मन की वायुरक्षा रेंज से बाहर रहते हुए गहराई तक सटीक हमले करने की क्षमता मिलेगी।  इससे भारत की रणनीतिक प्रतिरोध क्षमता और मजबूत होगी।

इस परियोजना को भारत की रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (DRDO)और रूस की एनपीओ मशिनोस्ट्रोयेनिया मिलकर विकसित कर रही हैं। रेंज बढ़ने के बावजूद मिसाइल की सुपरसोनिक स्पीड सबसे बड़ी खासियत है, जो बरकरार रहेगी। यह मिसाइल लगभग मैक 3 की गति से उड़ान भरती है, जिससे इसे इंटरसेप्ट करना बेहद मुश्किल हो जाता है।

ब्रह्मोस मिसाइल पहले ही कई प्लेटफॉर्म्स, जैसे जमीनी लॉन्चर, नौसेना के युद्धपोत, पनडुब्बियां, Sukhoi Su-30MKI लड़ाकू विमान पर तैनात की जा चुकी है। 2019 में एयर-लॉन्च वर्जन का प्रोटोटाइप भी सामने आ चुका है, जिससे वायुसेना की ताकत और बढ़ी है।

करीब 3 टन वजनी यह मिसाइल लगभग 300 किलोग्राम तक का वारहेड ले जाने में सक्षम है। इसकी तेज गति और सटीकता इसे दुनिया की सबसे घातक क्रूज़ मिसाइलों में शामिल करती है।

डिफेंस एक्विजिशन काउंसिल में हो सकती है चर्चा

इस 800 किमी रेंज वाले नए वर्जन की खरीद को लेकर जल्द ही रक्षा अधिग्रहण परिषद में चर्चा होने की संभावना है, जिसकी अध्यक्षता रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह करते हैं। हालांकि मार्च 2025 में 25 अरब डॉलर के रक्षा सौदों को मंजूरी दी गई थी, लेकिन इस नए वर्जन को उस सूची में शामिल नहीं किया गया था।

रिपोर्ट्स के मुताबिक, मई 2025 में भारत-पाकिस्तान तनाव के दौरान ब्रह्मोस मिसाइल का इस्तेमाल पाकिस्तान के एयरबेस और रडार ठिकानों पर हमले के लिए किया गया था, जिससे इसकी रणनीतिक उपयोगिता सामने आई।

बता दें की, ब्रह्मोस परियोजना की शुरुआत 1990 के दशक के अंत में हुई थी। इसका नाम भारत की ब्रह्मपुत्र और रूस की मोस्कवा नदियों के नाम पर रखा गया है, जो दोनों देशों के सहयोग का प्रतीक है। 2001 में पहली बार परीक्षण के बाद से यह मिसाइल लगातार विकसित होती रही है और अब 800 किमी रेंज वाला नया संस्करण इसकी अगली बड़ी छलांग माना जा रहा है।

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