हिमाचल प्रदेश के किन्नौर ज़िले में तांगलिंग क्षेत्र में अचानक आई फ्लैश फ्लड (बाढ़) ने किन्नौर-कैलाश यात्रा मार्ग का बड़ा हिस्सा बहा दिया, जिससे सैकड़ों तीर्थयात्री फंस गए। हालात बिगड़ते ही इंडो-तिब्बतन बॉर्डर पुलिस (ITBP) ने त्वरित कार्रवाई करते हुए 413 यात्रियों को सुरक्षित निकाला। ITBP की 17वीं बटालियन के जवानों ने रस्सी आधारित ट्रैवर्स क्रॉसिंग तकनीक का इस्तेमाल कर यात्रियों को बाढ़ प्रभावित इलाकों से निकाला और सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया। अधिकारियों के अनुसार, बुधवार सुबह किन्नौर जिला प्रशासन से आपातकालीन कॉल मिलने के बाद ITBP और NDRF की टीमों को तुरंत राहत कार्य में लगाया गया।
भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने हिमाचल प्रदेश के अधिकांश जिलों में मध्यम से भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। खास तौर पर बिलासपुर, सोलन, शिमला, सिरमौर और मंडी में अत्यधिक बारिश के आसार हैं। वहीं चंबा, कांगड़ा, हमीरपुर, ऊना, लाहौल-स्पीति, किन्नौर और कुल्लू में भी हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना जताई गई है।
लगातार हो रही मूसलधार बारिश ने शिमला जिले में जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है। जिला प्रशासन ने सुरक्षा के मद्देनज़र सभी शैक्षणिक संस्थानों को बंद रखने का आदेश दिया है। कई जगहों पर भूस्खलन की भी खबरें हैं, जिससे यातायात प्रभावित हुआ है। किन्नौर-कैलाश यात्रा मार्ग हिमालय क्षेत्र में एक प्रसिद्ध तीर्थ स्थल के रूप में जाना जाता है। लेकिन भारी बारिश और फ्लैश फ्लड के कारण ट्रैकिंग रूट का एक बड़ा हिस्सा नष्ट हो चुका है, जिससे अगली यात्राएं फिलहाल स्थगित की जा सकती हैं।
ITBP के साहसी और तेज़ राहत अभियान से जहां 413 लोगों की जान बचाई गई, वहीं मौसम विभाग की चेतावनी और लगातार बारिश हिमाचल के कई इलाकों के लिए चिंता का विषय बन गई है। प्रशासन और आपदा राहत टीमें अलर्ट पर हैं और लोगों से अपील की जा रही है कि वे अनावश्यक यात्रा से बचें और मौसम संबंधित दिशा-निर्देशों का पालन करें।
यह भी पढ़ें:
260 करोड़ के ग्लोबल साइबर फ्रॉड में ED की बड़ी कार्रवाई!
कर्नाटक: HC की फटकार के बाद परिवहन कर्मचारियों की हड़ताल 7 अगस्त तक स्थगित!
मानहानि मामले में राहुल गांधी को चाईबासा कोर्ट से बड़ी राहत, मिली जमानत!



