कर्नाटक: ट्रेकिंग के दौरान लापता केरल की किशोरी 4 दिन बाद मृत मिली, परिस्थितियों पर उठे सवाल

कर्नाटक: ट्रेकिंग के दौरान लापता केरल की किशोरी 4 दिन बाद मृत मिली, परिस्थितियों पर उठे सवाल

Karnataka: Kerala teenager missing while trekking found dead after 4 days, circumstances raise questions

केरल की 15 वर्षीय छात्रा श्रीनंदा पारिवार के साथ ट्रेकिंग पर गई थी, दौरान लापता हो गई थी, उसका शव चार दिन बाद कर्नाटक के माणिक्यधारा जलप्रपात के पास एक घाटी में बरामद हुआ। पुलिस ने शुक्रवार (10 अप्रैल) को शव मिलने की पुष्टि करते हुए बताया कि मामले की हर एंगल से जांच की जा रही है।

aपलक्कड़ जिले के कडंबाझिपुरम की निवासी श्रीनंदा मंगलवार (7 अप्रैल) शाम को चंद्रद्रोणा हिल्स की ट्रेकिंग के दौरान लापता हो गई थी। वह करीब 40 परिजनों के समूह के साथ ट्रेक पर गई थी। पहाड़ी की चोटी पर पहुंचने के बाद उसकी गैरमौजूदगी का पता चला, जिसके बाद खोज अभियान शुरू किया गया।

पुलिस के अनुसार, शव उसकी गुमशुदगी के स्थान से करीब 150 मीटर की दूरी पर मिला, जहां उसे आखिरी बार देखा गया था। हैरानी की बात यह है कि यह वही इलाका है जहां पहले भी तलाशी ली गई थी, लेकिन तब कुछ नहीं मिला था। इस वजह से मौत की परिस्थितियों को लेकर संदेह गहरा गया है।

चिक्कमगलुरु के एसपी जितेंद्र कुमार दायमा ने कहा, “बॉडी को देख लिया गया है और उसकी पहचान कर ली गई है। यह एक एक्सीडेंट हो सकता है लेकिन हम दूसरे एंगल से भी जांच कर रहे हैं।”उन्होंने बताया कि पोस्टमार्टम और अन्य कानूनी प्रक्रियाएं आगे की जांच में अहम भूमिका निभाएंगी।

पुलिस का कहना है कि जिस क्षेत्र में शव मिला, वह काफी सुरक्षित और बैरिकेडेड है तथा वहां केवल एक ही रास्ता है। ऐसे में यह भी जांच की जा रही है कि कहीं किशोरी व्यू-पॉइंट से फिसलकर नीचे तो नहीं गिर गई। हालांकि, अन्य संभावनाओं को भी खारिज नहीं किया गया है।

खोज अभियान के दौरान करीब 60 टीमों को स्थानीय स्तर पर लगाया गया, जबकि 10 टीमें अन्य राज्यों में भी भेजी गईं। शुरुआती संदेह अपहरण का होने पर उस दिन मौके पर मौजूद 240 वाहनों की भी जांच की गई। वन विभाग की टीमों ने भी इस अभियान में सहयोग किया और कठिन भूभाग में तलाश के लिए थर्मल ड्रोन का इस्तेमाल किया गया।

परिजनों के मुताबिक, जिस स्थान पर शव मिला, वहां पहले भी जांच की जा चुकी थी। एक रिश्तेदार ने बताया कि लड़की आखिरी बार अन्य बच्चों के साथ देखी गई थी और झरने के पास फोटो लेने के लिए रुकी थी।

इस घटना के बाद ट्रेकिंग सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं। कर्नाटक के वन, पारिस्थितिकी और पर्यावरण मंत्री ईश्वर खंड्रे ने हाल ही में अधिकारियों को ट्रेकिंग के लिए एक व्यापक स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर (SOP) तैयार करने के निर्देश दिए हैं, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके।

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