हिमाचल प्रदेश में बारिश से हालात लगातार बिगड़ते जा रहे हैं। गुरुवार (4 सितंबर)को कुल्लू शहर के इनर अखाड़ा बाजार इलाके के पास हुए भूस्खलन में तीन मकान दब गए। इस हादसे में एक व्यक्ति की मौत हो गई है, जबकि तीन घायलों को मलबे से सुरक्षित निकाला गया। राहत और बचाव दल अब भी मलबे में दबे पांच लापता लोगों की तलाश में जुटे हैं।
पुलिस अधीक्षक कथिकेयन गोकुलचंद्रन ने बताया कि मृतक का शव बरामद कर लिया गया है, वहीं गंभीर रूप से घायल तीन लोगों को कुल्लू के क्षेत्रीय अस्पताल में भर्ती कराया गया है। घटना के तुरंत बाद अतिरिक्त उपायुक्त अश्विनी कुमार और एसडीएम निशांत कुमार सहित वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे और बचाव कार्यों का जायजा लिया।
राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण, पुलिस और प्रशासन की संयुक्त टीमें एनडीआरएफ के साथ मिलकर राहत अभियान चला रही हैं। अधिकारियों के अनुसार, मलबे में दबे लोगों तक पहुंचने के लिए भारी मशीनरी की मदद ली जा रही है।
कुल्लू से पहले बुधवार को मंडी जिले के सुंदरनगर शहर में भूस्खलन ने भारी तबाही मचाई थी। यहां दो घर मलबे में दब गए, जिसमें एक ही परिवार के चार सदस्यों सहित छह लोगों की मौत हो गई। मृतकों की पहचान गुरप्रीत सिंह (35), उनकी पत्नी भारती (30), तीन वर्षीय बेटी कीरत, शांति देवी (70) और सुरेंदर कौर (56) के रूप में हुई है।
इसी बीच, राष्ट्रीय राजमार्ग-5 पर रामपुर से शिमला जा रही एक निजी बस पर पत्थर गिरने से भी बड़ा हादसा हुआ। इस घटना में महाराष्ट्र की रहने वाली लक्ष्मी विरानी और नेपाली मूल की एक महिला की मौत हो गई, जबकि 15 लोग घायल हो गए।
हादसे पर मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने गहरी संवेदना व्यक्त की है। मुख्यमंत्री कार्यालय की ओर से एक्स (पूर्व ट्विटर) पर पोस्ट किया गया, “आज सुबह इनर अखाड़ा बाजार, कुल्लू में भारी भूस्खलन का समाचार सुनकर मन व्यथित है। इस हादसे में एक व्यक्ति की मृत्यु हुई है, जबकि कई लोग मलबे में दबे होने की आशंका है। स्थानीय प्रशासन, एनडीआरएफ और राहत दल युद्धस्तर पर रेस्क्यू ऑपरेशन में जुटे हैं। अब तक तीन लोगों को सुरक्षित निकाला जा चुका है। मेरी संवेदनाएं सभी प्रभावित परिवारों के साथ हैं।”
हिमाचल प्रदेश में लगातार हो रही बारिश ने भूस्खलन और बाढ़ की घटनाओं का खतरा और बढ़ा दिया है। प्रशासन ने लोगों से सतर्क रहने और अनावश्यक यात्रा से बचने की अपील की है।
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