ऐसा ही एक मामला महाराष्ट्र के धुले से सामने आया है। यहां पुराने शहर इलाके में रहने वाली लताबाई संतोष चौधरी आज घर के टेंशन से मुक्त है। इसकी वजह है प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत मिला उनका खुद का पक्का घर। कभी किराए के मकान में रहने वाली लताबाई को अब एक सुरक्षित छत मिल गई है।
लताबाई ने कहा कि आर्थिक स्थिति कमजोर होने के कारण वह वर्षों तक किराए के मकान में रहने को मजबूर थीं, लेकिन जब प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत उन्हें सहायता मिली तो उन्होंने अपने प्लॉट पर एक घर बनवाया।
लताबाई ने आईएएनएस से बातचीत करते हुए कहा कि मेरे पास एक खाली प्लॉट था, लेकिन मेरे पास रहने के लिए कोई घर नहीं था। इस बीच मैंने प्रधानमंत्री आवास योजना के लिए फॉर्म भरा। मुझे इस योजना का लाभ मिला, और आज मेरे पास मेरा खुद का घर है। इसके लिए मैं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को दिल से शुक्रिया कहती हूं।
बता दें कि केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल ने 4 सितंबर को नई दिल्ली में प्रधानमंत्री आवास योजना-शहरी 2.0 (पीएमएवाई-यू 2.0) के अंतर्गत लास्ट माइल आउटरीच अभियान ‘अंगीकार 2025’ का शुभारंभ किया था।
पीएमएवाई-यू के अंतर्गत 120 लाख घरों को मंजूरी दी गई। इनमें से 94.11 लाख पक्के घर पहले ही बनकर तैयार हो चुके हैं और लाभार्थियों को वितरित किए जा चुके हैं। ‘अंगीकार 2025’ अभियान शेष बचे घरों के निर्माण को सुगम बनाएगा।
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