पुणे जिले के मावल तहसील स्थित कुंदमाला में इंद्रायणी नदी पर बने 32 वर्ष पुराने लोहे के पैदल पुल के ढहने से चार पर्यटकों की मौत के एक दिन बाद, महाराष्ट्र की मुख्य सचिव सुजाता सौनिक ने सभी जिला‑प्रशासनों को मानसून के दौरान जोखिमपूर्ण स्थलों को तुरंत बंद करने का सख्त निर्देश दिया है। उन्होंने कहा कि सुरक्षा व्यवस्था पूरी तरह दुरुस्त होने तक ऐसे स्थानों पर पर्यटकों का प्रवेश रोका जाए और स्पष्ट चेतावनी‑पट्टिकाएँ लगाई जाएँ।
सौनिक ने सोमवार को राज्य सचिवालय से वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिए बुलाई गई आपात बैठक में कहा, “मानसून के दौरान कुछ जगहों पर भारी संख्या में पर्यटक आते हैं। ऐसे स्थलों पर प्रशासन को सतर्क रहना चाहिए। जन‑हानि रोकने के लिए जहाँ खतरा हो वहाँ सुरक्षा बढ़ाई जानी चाहिए और आवश्यकता पड़ने पर पर्यटकों के प्रवेश पर अस्थायी प्रतिबंध लगाया जाना चाहिए। “इसके बावजूद यदि पर्यटक प्रशासन के निर्देश नहीं मानते हैं, तो उनके खिलाफ उचित कार्रवाई की जानी चाहिए।”
बैठक में पुणे संभागीय आयुक्त चंद्रकांत पुलकुंडवार, जिला कलेक्टर जितेंद्र डूडी, पिंपरी‑चिंचवड मनपा आयुक्त शेखर सिंह और वरिष्ठ पुलिस अधिकारी शामिल रहे। मुख्य सचिव ने निर्देश दिया कि प्रत्येक संवेदनशील क्षेत्र की जिम्मेदारी स्पष्ट रूप से चिन्हित अधिकारियों को सौंपी जाए और सुरक्षा प्रबंधों में होम गार्ड व एनसीसी का सहयोग लिया जाए।
सौनिक ने लोक निर्माण विभाग (PWD) को राज्य भर में सड़कों पर बने सभी पुलों का त्वरित सर्वेक्षण कर, जर्जर संरचनाओं की मरम्मत अथवा आवश्यकतानुसार नए पुलों के निर्माण का प्रस्ताव तत्काल प्रस्तुत करने को कहा। उन्होंने यह भी जोड़ा कि “पुराने ढाँचों पर चेतावनी‑पट्ट का कोई अर्थ नहीं जब तक ठोस दुरुस्ती न हो।”
राज्यात मागील काही दिवसात घडलेल्या विविध दुर्घटना आणि त्यात झालेले नागरिकांचे मृत्यू हे अतिशय दुर्दैवी आहेत. नागरिकांच्या सुरक्षेला सर्वोच्च प्राधान्य देऊन संभाव्य दुर्घटना टाळण्यासाठी सर्व यंत्रणांनी एकत्रितपणे काम करावे मुख्य सचिव सुजाता सौनिक यांचे आदेश pic.twitter.com/0FCmbiq0Eg
— DISTRICT INFORMATION OFFICE, PUNE (@Info_Pune) June 16, 2025
मुख्य सचिव सुजाता सौनिक ने हाल ही में मुंबई और ठाणे में भीड़भाड़ वाली लोकल ट्रेनों से गिरकर यात्रियों की मौत की घटनाओं को दुर्भाग्यपूर्ण बताया और रेलवे, मेट्रो, पुलिस तथा नगर निकायों के साथ बैठक कर निर्देश दिए कि प्रत्येक रेलवे स्टेशन पर सामान जांचने के लिए स्कैनर लगाए जाएं। उन्होंने यह भी कहा कि भीड़भरे डिब्बों की पहचान के लिए सीसीटीवी कैमरे और कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) की मदद ली जाए।
यदि किसी ट्रेन या स्टेशन पर अत्यधिक भीड़ हो तो लिफ्ट की तरह सायरन बजने की व्यवस्था की जाए, ताकि तुरंत सतर्कता बरती जा सके। इसके साथ ही यात्रियों को सावधानी और सुरक्षा से जुड़ी जानकारी सूचना पट्टों, उद्घोषणा प्रणाली, सोशल मीडिया और एफएम रेडियो के माध्यम से दी जाए।
कुंदमाला हादसे में मृतकों के परिजनों को सहायता पहुँचाने के निर्देश देते हुए मुख्य सचिव ने कहा कि मानसून‑काल व आगामी त्योहारों में हर शाखा को चौकन्ना रहना होगा। उन्होंने फील्ड‑अधिकारियों को फर्जी जानकारी फैलने से रोकने और दुर्घटना की स्थिति में तुरंत सही सूचना जारी करने का आदेश भी दिया है।
राज्य सरकार ने स्पष्ट संकेत दिया है कि पर्यटक‑स्थलों की खूबसूरती से ज़्यादा अहम मानव‑जीवन की सुरक्षा है। आने वाले हफ़्तों में अगर स्थानीय इकाइयों ने दिशा‑निर्देशों का कड़ाई से पालन किया तो मानसून पर्यटन आनंददायक रहेगा; लापरवाही पर अब कठोर कार्रवाई तय है।
यह भी पढ़ें:
भारत का व्यापार घाटा मई में घटकर 21.88 बिलियन डॉलर रह गया!
एयर इंडिया की एक और फ्लाइट में तकनीकी खराबी, सैन फ्रांसिस्को-मुंबई विमान को उतारा कोलकाता



