मराठवाड़ा क्षेत्र में रविवार (15 अगस्त)देर रात हुई मूसलाधार बारिश ने कई इलाकों में भारी तबाही मचाई है। बीड जिले के आष्टी तालुका में 44 लोग और छत्रपति संभाजीनगर जिले के सिलोड तालुका में 5 लोग बाढ़ के पानी में फंस गए हैं। सोमवार सुबह से ही बचाव अभियान तेज कर दिया गया है, जिसमें सेना और एनडीआरएफ की टीमें लगातार जुटी हुई हैं। प्रशासन ने हेलीकॉप्टर की मदद भी मांगी है ताकि फंसे लोगों को जल्द से जल्द सुरक्षित बाहर निकाला जा सके।
आष्टी तालुका के कड़ा, सोभा निमगांव, घटा पिंपरी, पिंपलखेड़ और धनोरा गांव सबसे अधिक प्रभावित हुए हैं। लगातार बारिश से यहां की सिंचाई परियोजनाएं ओवरफ्लो हो गईं, जिससे गांवों का संपर्क कट गया है। सोशल मीडिया पर हेलीकॉप्टर रेस्क्यू के वीडियो तेजी से वायरल हो रहे हैं। अधिकारियों ने जानकारी दी कि नैशिक से एक हेलीकॉप्टर बुलाने का अनुरोध किया गया है, ताकि राहत कार्यों में तेजी लाई जा सके।
बारिश के आंकड़ों पर नजर डालें तो पिछले 24 घंटों में बीड जिले में सर्वाधिक 37 मिमी वर्षा दर्ज की गई। इसके बाद धाराशिव में 28 मिमी, परभणी में 25 मिमी, लातूर में 24 मिमी, हिंगोली में 14 मिमी, नांदेड़ में 12 मिमी, छत्रपति संभाजीनगर में 5 मिमी और जालना में 3 मिमी बारिश दर्ज की गई।
उपमुख्यमंत्री और बीड के अभिभावक मंत्री अजित पवार लगातार जिला प्रशासन से संपर्क में हैं और राहत-बचाव कार्यों की निगरानी कर रहे हैं। बीड के अंबाजोगाई तालुका में स्थित चिंचकांडी के पर्कोलेशन टैंक में बड़ी दरार आ गई है, जिससे बाढ़ का खतरा और बढ़ गया है।
इधर, सिलोड तालुका के मौजे देऊलगांव बाजार गांव में भी पांच लोग बाढ़ के पानी में फंसे हुए हैं। उन्हें निकालने के लिए सेना और एनडीआरएफ की टीमें मौके पर तैनात हैं। जिला प्रशासन ने कहा है कि हालात पर लगातार नजर रखी जा रही है और प्रभावित गांवों में राहत सामग्री पहुंचाने की व्यवस्था भी की जा रही है। मराठवाड़ा के आठ जिलों में से बीड सबसे ज्यादा प्रभावित है। लगातार हो रही बारिश ने यहां जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है, जबकि राहत और बचाव दल चौबीसों घंटे लोगों को सुरक्षित निकालने में जुटे हुए हैं।
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