मुंबई के कांदिवली पूर्व स्थित आकुर्ली इलाके में बुधवार (24 सितंबर)सुबह भीषण हादसा हुआ। राम किसन मेस्त्री चॉल में संभावित एलपीजी गैस लीक के कारण आग लग गई, जिसमें सात लोग गंभीर रूप से झुलस गए। इनमें से छह महिलाएं हैं, जिनकी हालत नाजुक बताई जा रही है। पीड़ितों को अलग-अलग अस्पतालों में भर्ती कराया गया है।
घटना सुबह करीब 9:05 बजे की है, जब चॉल में आग लगने की सूचना मुंबई फायर ब्रिगेड को दी गई। आग इतनी तेजी से फैली कि मौके पर अफरातफरी मच गई। शुरुआती जांच में पता चला है कि गैस सिलेंडर से लीक हुई गैस ने आग पकड़ ली, जिससे चॉल के अंदर बिजली के तार, इंस्टॉलेशन, खाने-पीने का सामान, गैस स्टोव और रेगुलेटर जलकर खाक हो गए। दमकल विभाग ने सिर्फ 28 मिनट में 9:33 बजे आग पर काबू पा लिया।
झुलसने वालों की पहचान
इस हादसे में झुलसे लोगों में शिवानी गांधी (51) को 70 प्रतिशत, नीतु गुप्ता (31) को 80 प्रतिशत और जानकी गुप्ता (39) को 70 प्रतिशत गंभीर जलन के साथ ईएसआईसी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। वहीं, मनाराम कुमाकट (55) को 40 प्रतिशत जलन के साथ इलाज चल रहा है। इसके अलावा रक्षाबेन जोशी (47) को 85 से 90 प्रतिशत, दुर्गा गुप्ता (30) को 85 से 90 प्रतिशत और पूनम (28) को 90 प्रतिशत तक झुलसने के कारण बीडीबीए अस्पताल से कस्तूरबा अस्पताल में स्थानांतरित किया गया है, जहां उनकी हालत नाजुक बनी हुई है।
हालत बेहद गंभीर
डिजास्टर मैनेजमेंट टीम के अनुसार, सभी घायलों का इलाज जारी है और इनमें से कई की हालत बेहद गंभीर है। डॉक्टरों ने बताया कि 80% से ज्यादा झुलसने वाले मरीजों की स्थिति नाजुक बनी हुई है। फिलहाल प्रशासन ने घटना के कारणों की विस्तृत जांच शुरू कर दी है। मौके पर पुलिस और फायर ब्रिगेड की टीमें तैनात हैं।
