मुंबई में मोनोरेल सेवा शनिवार (20 सितंबर)से अस्थायी रूप से बंद कर दी गई है, जिससे शहर के यात्रियों में नाराजगी फैल गई है। मुंबई मेट्रोपॉलिटन रीजन डेवलपमेंट अथॉरिटी (एमएमआरडीए) ने तकनीकी खामियों, यात्रियों की सुरक्षा और ट्रांसपोर्ट सिस्टम में सुधार की जरूरत को ध्यान में रखते हुए यह निर्णय लिया। हालांकि, इस फैसले से यात्रियों को अब बसों पर निर्भर रहना पड़ रहा है, जो समय पर उपलब्ध नहीं होने के कारण परेशानी का कारण बन रहा है।
दादर के विट्ठल मंदिर मोनोरेल स्टेशन पर यात्रियों ने अपनी असंतोष जाहिर किया। एक यात्री ने मीडिया से बातचीत में कहा, “मोनोरेल बंद होने से हमारी मुश्किलें बढ़ गई हैं। यह सफर का आसान और तेज़ साधन था, लेकिन अब बसों पर निर्भर होना पड़ रहा है, जो समय पर नहीं मिलतीं।” वहीं, एक अन्य यात्री ने बताया, “मोनोरेल के कारण हम जल्दी काम पर पहुंच जाते थे और ट्रैफिक की परेशानी भी कम होती थी। अब बस से यात्रा करना मुश्किल हो गया है।”
एमएमआरडीए ने बताया कि मोनोरेल में बार-बार तकनीकी खामियां सामने आने के कारण यात्रियों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए सेवा को अस्थायी रूप से बंद किया गया है। साथ ही, बड़े पैमाने पर रखरखाव और सुधार कार्य शुरू किए जा रहे हैं। पिछले कुछ हफ्तों में तकनीकी समस्याओं के कारण सेवाओं में रुकावटें आई थीं, जिनके समाधान के लिए एमएमआरडीए ने एक विशेष जांच समिति का गठन किया था।
जानकारी के अनुसार, मुंबई मोनोरेल में पहली बार स्वदेशी रूप से विकसित हैदराबाद के सीबीटीसी सिग्नलिंग सिस्टम का परीक्षण चल रहा है। अब तक 5 इलेक्ट्रॉनिक इंटरलॉकिंग 32 स्थानों पर लगाए जा चुके हैं। इसके अलावा, 260 वाई-फाई एक्सेस पॉइंट्स, 500 आरएफआईडी टैग्स, 90 ट्रेन डिटेक्शन सिस्टम और कई डब्ल्यूएटीसी यूनिट्स स्थापित की जा चुकी हैं। वे-साइड सिग्नलिंग का काम भी पूरा हो चुका है और अब एकीकृत परीक्षण की प्रक्रिया चल रही है।
यात्रियों ने मोनोरेल सेवा की शीघ्र बहाली की मांग की है, क्योंकि यह मुंबई के भीड़भाड़ वाले यातायात में एक सुविधाजनक और किफायती विकल्प माना जाता है। हालांकि, एमएमआरडीए ने अभी तक सेवा बहाली की कोई निश्चित तारीख घोषित नहीं की है।
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