गणेशोत्सव और ईद के दौरान सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए नवी मुंबई पुलिस ने शुक्रवार(24 अगस्त) को बड़े पैमाने पर मॉक ड्रिल आयोजित की। इस अभ्यास का मुख्य उद्देश्य भीड़ प्रबंधन, त्वरित प्रतिक्रिया और विभिन्न इकाइयों के बीच तालमेल को परखना था। शहर के कई संवेदनशील इलाकों में ड्रिल की गई, जिसमें दंगा जैसी स्थितियों का कृत्रिम निर्माण कर पुलिस बल की तैयारियों की जांच की गई। पुलिस टीमों ने उपद्रवी भीड़ को नियंत्रित करने, संवेदनशील स्थानों की सुरक्षा करने और आपातकालीन संचार प्रणाली को प्रभावी ढंग से संचालित करने का अभ्यास किया। अधिकारियों ने सुरक्षात्मक उपकरणों और गैर-घातक तरीकों का उपयोग कर तनाव बढ़ाए बिना स्थिति संभालने की तकनीक भी सीखी।
इस अभ्यास की निगरानी कर रहे सहायक पुलिस आयुक्त (एसीपी) बुधवंत ने कहा, “उद्देश्य गणेशोत्सव और ईद के दौरान शांति और व्यवस्था बनाए रखना है। हमारे जवानों को इस तरह प्रशिक्षित किया गया है कि किसी भी अप्रिय घटना पर वे तुरंत कार्रवाई कर सकें और साम्प्रदायिक सौहार्द बिगाड़ने की किसी भी कोशिश को नाकाम कर दें।”
गणेशोत्सव इस वर्ष 27 अगस्त से शुरू हो रहा है और महाराष्ट्र का सबसे बड़ा सार्वजनिक त्योहार माना जाता है। इस दौरान मुंबई महानगरीय क्षेत्र में लाखों श्रद्धालु पंडालों और शोभायात्राओं में शामिल होते हैं। वहीं, ईद पर भी बड़ी संख्या में लोग सामूहिक रूप से एकत्रित होते हैं। दोनों त्योहारों के एकसाथ पड़ने के कारण भीड़ और यातायात का दबाव बढ़ना तय है।
इसी को देखते हुए पुलिस ने पहले से ही मार्ग नियोजन, ट्रैफिक प्रबंधन और अतिरिक्त सुरक्षा तैनाती जैसे कदम उठाए हैं। अधिकारियों का कहना है कि इस तरह की ड्रिल नागरिकों में भरोसा पैदा करती है और यह सुनिश्चित करती है कि कानून-व्यवस्था संभालने वाली मशीनरी पूरी तरह सतर्क और समन्वित बनी रहे। नवी मुंबई पुलिस का दावा है कि इन एहतियाती उपायों से त्योहारों की रौनक और श्रद्धा में किसी भी तरह की बाधा नहीं आने दी जाएगी और नागरिक निश्चिंत होकर उत्सव मना सकेंगे।
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