बिहार में सरकार गठन की प्रक्रिया आज से तेज़ रफ़्तार पकड़ने वाली है। चुनाव आयोग आज 18वीं बिहार विधानसभा चुनाव के नतीजे राज्यपाल राजेंद्र अर्लेकर को सौंपेगा, जिसके बाद नई विधानसभा के गठन की अधिसूचना जारी की जाएगी और आचार संहिता औपचारिक रूप से हट जाएगी। साथ ही नई सरकार के शपथ-ग्रहण की तैयारियाँ भी अंतिम चरण में पहुँच गई हैं। अधिकारियों के अनुसार, समारोह 19 या 20 नवंबर को पटना के गांधी मैदान में हो सकता है, जिसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी शामिल होंगे। अंतिम तारीख उनके कार्यक्रम के अनुसार तय होगी।
गांधी मैदान में मंच, सुरक्षा व वीवीआईपी मूवमेंट की तैयारियों पर तेज़ी से काम चल रहा है। भाजपा शासित राज्यों के मुख्यमंत्री भी समारोह में उपस्थित रह सकते हैं, जिससे यह कार्यक्रम राष्ट्रीय स्तर का राजनीतिक आयोजन बनने जा रहा है।
इसी बीच, मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने सोमवार (17 नवंबर)को कैबिनेट की बैठक बुलाई है, जिसमें 17वीं विधानसभा को भंग करने का प्रस्ताव पारित किया जाएगा। इसके बाद वे राज्यपाल से मुलाक़ात कर औपचारिक रूप से इस्तीफ़ा सौंपेंगे। नीतीश कुमार के त्यागपत्र के बाद NDA के सभी घटक दल अपने-अपने विधायक दलों की बैठक करेंगे, जहाँ नए नेता का चयन किया जाएगा। वही नेता राज्यपाल से मिलकर सरकार गठन का दावा पेश करेगा।
18वीं विधानसभा में NDA ने आरामदायक बहुमत हासिल किया है। BJP को 89 सीटें मिलीं और वह सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी। जदयू 85 सीटों के साथ क़रीब-क़रीब बराबरी पर रही। छोटे सहयोगियों में LJP (रामविलास) को 19, HAM (सेक्युलर) को 5 और राष्ट्रीय लोक मोर्चा को 4 सीटें मिलीं। इस तरह NDA की सामूहिक ताकत नई सरकार के गठन को लेकर पूरी तरह सुरक्षित है।
2025 के जनादेश ने 2020 के समीकरणों को उलट दिया। इस बार महागठबंधन महज़ 35 सीटों पर सिमट गया। RJD का प्रदर्शन उम्मीदों के अनुरूप नहीं रहा, जबकि कांग्रेस को बड़ा झटका लगा वह सिर्फ 6 सीटें जीत पाई। 8.71 प्रतिशत वोट शेयर होने के बावजूद कांग्रेस सीटों में इसे बदल नहीं सकी, जिसका कारण कमजोर संगठन और प्रत्याशियों के गलत चयन को माना जा रहा है।
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