सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ को पारंपरिक युद्ध से अलग एक ‘ग्रे ज़ोन’ मिशन बताते हुए कहा कि यह पाकिस्तान के खिलाफ ऐसा अभियान था, जिसमें दोनों पक्षों की चालें अप्रत्याशित थीं और हर कदम पर रणनीतिक चुनौती सामने थी। उन्होंने कहा कि इस शतरंज के खेल में भारत ने पाकिस्तान को निर्णायक ‘चेकमेट’ दिया और पाकिस्तान के जीत की झूठी कहानी को बेनकाब किया।
IIT मद्रास में आयोजित एक कार्यक्रम में बोलते हुए सेना प्रमुख ने कहा, “ऑपरेशन सिंदूर में हम शतरंज खेल रहे थे… हमें नहीं पता था दुश्मन की अगली चाल क्या होगी और हमारी चाल क्या होगी। इसे ही ग्रे-ज़ोन कहते हैं। ग्रे ज़ोन का मतलब है कि हम पारंपरिक ऑपरेशन नहीं कर रहे, बल्कि उससे थोड़ा नीचे का अभियान चला रहे हैं… हम चाल चलते थे, वह भी चाल चलता था।” उन्होंने आगे कहा, “कहीं हम उन्हें शह और मात दे रहे थे, तो कहीं जान जोखिम में डालकर वार कर रहे थे, ज़िंदगी का यही मतलब है।”
उन्होंने पाकिस्तान के रणनीतिक आख्यान प्रबंधन की आलोचना की, जिसमें वह संघर्ष में खुद को विजेता के रूप में चित्रित कर रहा है, तथा सरकार द्वारा सेना प्रमुख असीम मुनीर को पांच सितारा जनरल और फील्ड मार्शल के पद पर पदोन्नत करने के निर्णय का उल्लेख किया। सेना प्रमुख ने कहा, “नैरेटिव मैनेजमेंट सिस्टम एक ऐसी चीज है जिसका हमें बड़े पैमाने पर एहसास है, क्योंकि जीत दिमाग में होती है। यह हमेशा दिमाग में रहती है। अगर आप किसी पाकिस्तानी से पूछेंगे कि आप हारे या जीते, तो वह कहेगा, ‘सेना प्रमुख फील्ड मार्शल बन गए हैं। हम ही जीते होंगे, इसीलिए वह फील्ड मार्शल बने हैं।”
उन्होंने बताया कि यह अभियान 7 मई को पहलगाम में पाकिस्तान-समर्थित आतंकियों द्वारा 26 नागरिकों की हत्या के बाद शुरू किया गया। 23 अप्रैल को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और तीनों सेनाध्यक्षों की बैठक में रक्षा मंत्री ने साफ कहा “बस, बहुत हो गया।” और सेना को खुली छूट दी गई कि जो ज़रूरी हो, वह करें। ‘ऑपरेशन सिंदूर’ नाम पर बोलते हुए उन्होंने कहा,”यह महत्वपूर्ण है कि कैसे एक छोटा सा नाम ‘ऑपरेशन सिंदूर’ पूरे देश को जोड़ता है… यह ऐसी चीज है जिसने पूरे देश को प्रेरित किया… यही कारण है कि पूरा देश कह रहा था कि आपने इसे क्यों रोक दिया? इसका पर्याप्त उत्तर दिया गया है।””
इस अभियान में भारतीय सशस्त्र बलों ने पाकिस्तान और पीओके में आतंकी ठिकानों पर सटीक हवाई और मिसाइल हमले कर नौ महत्वपूर्ण टारगेट ध्वस्त किए। भारत ने इसे केंद्रित, मापा-तौला और गैर-उकसावे वाला बताया, जबकि पाकिस्तान ने ड्रोन और मिसाइल हमलों से जवाब देने की कोशिश की, जिसे भारतीय वायु रक्षा प्रणाली ने नाकाम कर दिया।
विश्लेषकों के अनुसार, ‘ऑपरेशन सिंदूर’ ने भारत की उच्च-स्तरीय, सटीक और समन्वित सैन्य क्षमता का प्रदर्शन किया, जिसने न केवल आतंकवादी ढांचे को तहस-नहस किया बल्कि राज्य-प्रायोजित आतंकवाद के खिलाफ ठोस प्रतिरोध भी बहाल किया।
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