ईरान को अमेरिकी सैन्य ठिकानों की खुफिया जानकारी दे रहा रूस

यूक्रेन भी अप्रत्यक्ष रूप से शामिल, अमेरिकी सहयोगियों को ड्रोन बचाव के लिए देगा तकनिकी सहायता

ईरान को अमेरिकी सैन्य ठिकानों की खुफिया जानकारी दे रहा रूस

Russia is providing intelligence on US military bases to Iran

मध्य-पूर्व में जारी युद्ध के बीच एक नई रिपोर्ट ने वैश्विक तनाव को और बढ़ा दिया है। अमेरिकी खुफिया अधिकारियों के हवाले से आई रिपोर्ट में दावा किया गया है कि रूस, ईरान को ऐसी खुफिया जानकारी साझा की है, जिससे वह क्षेत्र में मौजूद अमेरिका की सैन्य संपत्तियों को पहचानने और संभावित रूप से निशाना बना सकता है। हालांकि अमेरिकियों के पास इस बात का कोई प्रमाण नहीं है कि मॉस्को सीधे तौर पर तेहरान को सैन्य कार्रवाई के निर्देश दे रहा है।

समाचार एजेंसी की रिपोर्ट के अनुसार दो अमेरिकी अधिकारियों ने नाम न बताने की शर्त पर बताया कि रूस द्वारा साझा की गई जानकारी से ईरान को अमेरिकी युद्धपोतों, सैन्य विमानों और अन्य सैन्य संसाधनों की स्थिति के बारे में संकेत मिल रहें हैं। क्षेत्र में बढ़ते संघर्ष के बीच रूस ईरान को किसी स्तर पर परिचालन समर्थन दे सकता है।

इस रिपोर्ट पर प्रतिक्रिया देते हुए अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सवाल को खारिज कर दिया। उन्होंने कहा, “इस समय यह सवाल पूछना कितना बेवकूफी भरा है। हम किसी और चीज़ के बारे में बात कर रहे हैं।” व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव कैरोलिना लेविट ने भी इस कथित खुफिया सहयोग के प्रभाव को कम करके आंका। उन्होंने कहा,”साफ़ है कि ईरान में मिलिट्री ऑपरेशन्स पर कोई फ़र्क नहीं पड़ रहा है, क्योंकि हम उन्हें पूरी तरह से खत्म कर रहे हैं।”

अमेरिकी रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने कहा कि वॉशिंगटन स्थिति पर कड़ी नजर रखे हुए है। उन्होंने कहा, “अमेरिकी लोग बेफिक्र रह सकते हैं कि उनके कमांडर इन चीफ को अच्छी तरह पता है कि कौन किससे बात कर रहा है। जो कुछ भी नहीं होना चाहिए, चाहे वह पब्लिक में हो या बैक-चैनल हो, उसका सामना किया जा रहा है और उसका सख्ती से सामना किया जा रहा है।”

उधर मॉस्को में क्रेमलिन ने इन आरोपों की न तो पुष्टि की और न ही स्पष्ट रूप से खंडन किया। क्रेमलिन के प्रवक्ता दमित्री पेस्कोव ने कहा कि रूस और ईरान के बीच संवाद जारी है। उन्होंने कहा,”हम ईरानी पक्ष और ईरानी नेतृत्व के प्रतिनिधियों के साथ बातचीत कर रहे हैं, और निश्चित रूप से इस बातचीत को जारी रखेंगे।”

पिछले कुछ वर्षों में रूस और ईरान के संबंध तेजी से मजबूत हुए हैं, खासकर तब से जब रूस ने यूक्रेन अभियान शुरू किया। अमेरिकी खुफिया एजेंसियों का पहले भी आकलन रहा है कि ईरान ने रूस को शाहेद हमलावर ड्रोन उपलब्ध कराए और रूस के भीतर उनके निर्माण में मदद की।

इसी बीच ज़ेलेन्स्की के नेतृत्व वाला यूक्रेन भी इस संघर्ष में अप्रत्यक्ष रूप से सक्रिय हो गया है। यूक्रेन ने मध्य-पूर्व में अमेरिकी सहयोगी देशों को ईरानी ड्रोन से बचाव की तकनीकी सहायता देने की पेशकश की है। अमेरिका में यूक्रेन की राजदूत ओल्गा स्टेफनिशिना ने कहा, “यूक्रेन जानता है कि शाहेद ड्रोन हमलों से कैसे बचाव करना है क्योंकि हमारे शहरों को लगभग हर रात उनका सामना करना पड़ता है। जब हमारे पार्टनर्स को ज़रूरत होती है, तो हम हमेशा मदद के लिए तैयार रहते हैं।”

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