इंदौर में दूषित पेयजल से जुड़ी मौतों की खबरों के बाद मध्य प्रदेश के उज्जैन में भी जल सुरक्षा को लेकर चिंता गहराती नजर आ रही है। उज्जैन नगर निगम (यूएमसी) ने एहतियाती कदम उठाते हुए शहरवासियों को नल का पानी सीधे न पीने की सलाह दी है और अगले आदेश तक पानी उबालकर ही इस्तेमाल करने की अपील की है। इंदौर में कथित तौर पर दूषित पानी के कारण 15 लोगों की मौत की रिपोर्ट के बाद सुचना जारी की गई है, जिसने आसपास के जिलों में भी जल आपूर्ति की गुणवत्ता पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
नगर निगम ने कहा है कि जब तक अगला निर्देश जारी नहीं किया जाता, तब तक नल से आने वाले पानी का सीधे सेवन न किया जाए। यदि तत्काल पानी की आवश्यकता हो, तो उसे अच्छी तरह उबालने के बाद ही पीया जाए। निगम के अनुसार, यह कदम नागरिकों के स्वास्थ्य की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए उठाया गया है।
चेतावनी को व्यापक स्तर पर लोगों तक पहुंचाने के लिए नगर निगम ने अनोखा तरीका अपनाया है। शहर के विभिन्न इलाकों में ई-रिक्शाओं पर लाउडस्पीकर लगाकर लगातार घोषणा कराई जा रही है। इन घोषणाओं में साफ तौर पर कहा जा रहा है कि नल का पानी सीधे न पिएं और केवल उबला हुआ पानी ही इस्तेमाल करें।
इंदौर में दूषित पानी से 15 मौतों के बाद…
CM मोहन यादव के गृह ज़िले उज्जैन में नगर निगम का ऐलान कर रहा है;
"अगले आदेश तक नल का पानी सीधे नहीं पिएं। अत्यंत आवश्यक होने पर उबाल के पिएं।"
यानी, नगर निगम मान रहा है कि उज्जैन का पानी भी स्वच्छ नहीं है। pic.twitter.com/zUgWD8zIsh
— काश/if Kakvi (@KashifKakvi) January 2, 2026
रिहायशी कॉलोनियों, बाजारों और भीड़भाड़ वाले इलाकों से गुजरते ई-रिक्शाओं की आवाज सुनकर कई लोग रुककर संदेश सुनते नजर आए। इस सार्वजनिक चेतावनी ने शहर में पानी की गुणवत्ता को लेकर चिंता और चर्चा दोनों बढ़ा दी हैं।
सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर साझा की गई जानकारी के अनुसार, इस चेतावनी से यह संकेत भी मिलता है कि खुद नगर निगम को मौजूदा जल आपूर्ति की पूर्ण सुरक्षा को लेकर आशंका है। इससे जल शोधन संयंत्रों की नियमित जांच, पाइपलाइन नेटवर्क की स्थिति और रखरखाव को लेकर सवाल उठने लगे हैं।
स्थानीय निवासियों का कहना है कि इंदौर की घटना के बाद उज्जैन में इस तरह की चेतावनी चिंता बढ़ाने वाली है। लोगों ने मांग की है कि जल के नमूनों की तत्काल जांच कराई जाए और उसकी रिपोर्ट सार्वजनिक की जाए, ताकि अफवाहों की जगह तथ्य सामने आ सकें।
कई नागरिकों और सामाजिक संगठनों ने नगर निगम और जिला प्रशासन से जल आपूर्ति व्यवस्था की व्यापक समीक्षा करने, क्लोरीनेशन और फिल्ट्रेशन प्रक्रिया को सख्ती से लागू करने तथा किसी भी तरह की गड़बड़ी की स्थिति में समय पर जानकारी देने की मांग की है।
फिलहाल, उज्जैन नगर निगम ने लोगों से संयम बरतने और स्वास्थ्य संबंधी सावधानियों का पालन करने की अपील की है। प्रशासन का कहना है कि स्थिति पर नजर रखी जा रही है और जांच के बाद आगे की जानकारी साझा की जाएगी। तब तक, नागरिकों को उबला हुआ पानी ही इस्तेमाल करने की सलाह दी गई है, ताकि किसी भी संभावित स्वास्थ्य जोखिम से बचा जा सके।
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