भवानीपुर विधानसभा चुनाव के नतीजों को अदालत में चुनौती दिए जाने के मुद्दे पर रोहन गुप्ता ने कहा कि ममता बनर्जी अब भी अपनी हार को स्वीकार नहीं कर पा रही हैं और इसके पीछे उनका अहंकार जिम्मेदार है। उन्होंने कहा कि जनता ने पिछले 15 वर्षों तक ममता बनर्जी और उनकी पार्टी पर भरोसा जताया, लेकिन उस विश्वास के साथ विश्वासघात हुआ। लोकतंत्र में हार-जीत स्वाभाविक प्रक्रिया है और हर राजनीतिक दल को जनता के फैसले का सम्मान करना चाहिए।
रोहन गुप्ता ने आरोप लगाया कि तृणमूल कांग्रेस की राजनीति तुष्टीकरण, घुसपैठ, कथित कट-मनी और गुंडागर्दी जैसे मुद्दों के इर्द-गिर्द घूमती रही, जिसे जनता ने नकार दिया। उन्होंने कहा कि चुनाव परिणामों के बाद आत्ममंथन करने के बजाय अदालत का दरवाजा खटखटाना इस बात का संकेत है कि पार्टी नेतृत्व वास्तविकता को स्वीकार करने के लिए तैयार नहीं है।
शिवसेना (यूबीटी) नेता संजय राउत द्वारा प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान बागी नेताओं पर की गई टिप्पणी को लेकर भी रोहन गुप्ता ने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की। उन्होंने कहा कि इस प्रकार की भाषा विपक्षी नेताओं की हताशा और राजनीतिक निराशा को दर्शाती है। उन्होंने आरोप लगाया कि जो पार्टी कभी बाला साहेब ठाकरे के सिद्धांतों और विचारधारा का प्रतिनिधित्व करने का दावा करती थी, वह आज कांग्रेस के साथ खड़ी दिखाई देती है।
भाजपा नेता ने कहा कि शिवसेना (यूबीटी) की वर्तमान राजनीतिक दिशा उसकी मूल विचारधारा से अलग दिखाई देती है। उन्होंने दावा किया कि पार्टी के भीतर बढ़ती असंतुष्टि और लगातार हो रहे राजनीतिक बदलाव उसके नेतृत्व संकट को दर्शाते हैं। रोहन गुप्ता ने आरोप लगाया कि संजय राउत की बयानबाजी से पार्टी को सबसे अधिक नुकसान पहुंचा है। उनके अनुसार, जितना नुकसान विपक्षी दल नहीं पहुंचा सके, उससे अधिक नुकसान राउत की राजनीतिक रणनीति और सार्वजनिक बयानों ने किया है।
प्रधानमंत्री मोदी द्वारा जी7 कार्य सत्र में भाग लेने पर प्रतिक्रिया देते हुए रोहन गुप्ता ने कहा कि यह भारत की बढ़ती अंतरराष्ट्रीय प्रतिष्ठा और सफल कूटनीति का प्रमाण है। उन्होंने कहा कि वैश्विक संकटों के दौर में भारत ने जिस प्रकार आर्थिक स्थिरता बनाए रखी है, उससे पूरी दुनिया प्रभावित हुई है। गुप्ता के अनुसार, भारत अपनी ऊर्जा आवश्यकताओं का बड़ा हिस्सा आयात करने के बावजूद आर्थिक चुनौतियों का प्रभावी ढंग से सामना कर रहा है।
उन्होंने कहा कि वैश्विक आर्थिक अनिश्चितताओं के बावजूद भारत ने मजबूत विकास दर और नियंत्रित महंगाई के जरिए दुनिया के सामने एक सकारात्मक उदाहरण प्रस्तुत किया है। उन्होंने दावा किया कि यही कारण है कि अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भारत की भूमिका लगातार मजबूत हो रही है और विश्व समुदाय भारत को सम्मान की दृष्टि से देख रहा है।
रोहन गुप्ता ने आगे कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में भारत की विदेश नीति का केंद्र हमेशा देश और देशवासियों का हित रहा है। उन्होंने फ्रांस के साथ रक्षा सहयोग, अमेरिका के साथ रणनीतिक साझेदारी और अन्य अंतरराष्ट्रीय समझौतों का उल्लेख करते हुए कहा कि भारत हर निर्णय में राष्ट्रीय हित को सर्वोच्च प्राथमिकता देता है।
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