उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार (16 फरवरी) को विधान परिषद में राज्यपाल के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव का उत्तर देते हुए आंगनवाड़ी और आशा कार्यकर्ताओं के मानदेय में वृद्धि की घोषणा की। उन्होंने कहा, “बुजुर्गों और बेसहारा लोगों की पेंशन राशि बढ़ाने के बाद, सरकार ने अब महिला कर्मचारियों के मानदेय की राशि भी बढ़ाने का फैसला किया है।”
मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य सरकार ने पहले ही वृद्ध और निराश्रित लोगों की पेंशन राशि बढ़ाई है और अब महिला फ्रंटलाइन कार्यकर्ताओं को भी राहत देने का निर्णय लिया गया है। इस कदम से प्रदेश में कार्यरत हजारों आंगनवाड़ी और आशा कर्मियों को सीधा लाभ मिलेगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार शिक्षामित्रों और अनुदेशकों के हित में भी काम कर रही है। हाल ही में शिक्षामित्रों, अनुदेशकों, रसोइयों और शिक्षकों के लिए 5 लाख रुपये तक की कैशलेस चिकित्सा सुविधा की घोषणा की गई है। यह सुविधा 1 अप्रैल से लागू होगी। उन्होंने कहा कि सरकार का फोकस संतुष्टि पर है, तुष्टिकरण पर नही। साथ ही दावा किया कि हाल के वर्षों में करीब 6 करोड़ लोगों को गरीबी रेखा से बाहर निकाला गया है।
कानून-व्यवस्था के मुद्दे पर मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश “फिअर ज़ोन” से “फेथ ज़ोन” में बदल चुका है। उन्होंने कहा कि एक समय था जब परिवार बेटियों की सुरक्षा को लेकर चिंतित रहते थे, लेकिन अब महिलाएं देर रात ड्यूटी के बाद भी सुरक्षित घर लौट सकती हैं।
उन्होंने सख्त पुलिसिंग, रिकॉर्ड पुलिस भर्तियों, बेहतर साइबर और फॉरेंसिक इंफ्रास्ट्रक्चर तथा ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति को इसके लिए जिम्मेदार बताया। उनके अनुसार, दंगे और कर्फ्यू की जगह अब त्योहारों, मंदिरों और पर्यटन से जुड़ी आर्थिक गतिविधियों का माहौल है।
मुख्यमंत्री ने समाजवादी पार्टी पर विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्षी दल संवैधानिक संस्थाओं का अपमान कर रहे हैं और बूथ लेवल अधिकारियों के साथ दुर्व्यवहार कर रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि एसआईआर सूची में 2.88 करोड़ से अधिक नाम ऐसे लोगों के हैं जो या तो मृत हैं या स्थानांतरित हो चुके हैं।
मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि पूर्ववर्ती सरकारों के दौरान ऐसे मतदाताओं का पंजीकरण जबरन किया गया था। उन्होंने निर्वाचन आयोग की प्रक्रिया में फॉर्म 6, फॉर्म 7 और फॉर्म 8 की भूमिका की भी व्याख्या की। आर्थिक विकास पर प्रकाश डालते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि 2017 से पहले राज्य में बेरोजगारी दर 19 प्रतिशत से अधिक थी, जो अब घटकर 2.24 प्रतिशत रह गई है। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश पर्यटन, आतिथ्य और रक्षा निर्माण के साथ-साथ एआई रोबोटिक्स, सेमीकंडक्टर, ड्रोन, साइबर सुरक्षा और इलेक्ट्रिक व्हीकल जैसे नए क्षेत्रों में आगे बढ़ रहा है।
लखनऊ में राज्य की पहली इलेक्ट्रिक वाहन निर्माण इकाई स्थापित की गई है। उन्होंने बताया कि देश में बिकने वाले कुल इलेक्ट्रिक वाहनों में से 19 प्रतिशत से अधिक उत्तर प्रदेश में पंजीकृत हैं और तीन-पहिया ईवी में राज्य की हिस्सेदारी 40 प्रतिशत से अधिक है। प्रदेश में 700 से अधिक इलेक्ट्रिक बसें संचालित हो रही हैं और एक्सप्रेसवे पर चार्जिंग स्टेशन स्थापित किए गए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि 20,000 से अधिक स्टार्टअप, सात सेंटर ऑफ एक्सीलेंस और आठ यूनिकॉर्न के साथ प्रदेश के युवा नई पहचान गढ़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।
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