गोपालनंद सरस्वती ने शनिवार को आईएएनएस से बातचीत में कहा कि स्वतंत्रता के 78 वर्ष पूरे होने के बावजूद भारत से गोवध पूरी तरह समाप्त नहीं हो सका है। वर्तमान समय में देश में गोहत्या की घटनाएं पहले की तुलना में अधिक हो रही हैं। देश के सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में गोवध निषेध संबंधी सख्त कानून लागू किया जाए और हर आयु वर्ग के गोवंश की हत्या पर पूर्ण रोक लगे।
गोपालनंद सरस्वती ने बताया कि अभियान के पहले चरण में सवा पांच करोड़ हस्ताक्षर सरकार को सौंपे जा चुके हैं। दूसरे चरण में 15 करोड़ हस्ताक्षर एकत्र करने का लक्ष्य रखा गया है। यदि इसके बाद भी मांगें पूरी नहीं होती हैं, तो तीसरे चरण में 20 करोड़ और हस्ताक्षर जुटाए जाएंगे।
अयोध्या राम मंदिर में दान चोरी के मामले पर गोपालनंद सरस्वती ने कहा कि चोरी चाहे किसी मंदिर में हो या किसी दुकान में, दोनों ही अपराध हैं। हालांकि, उन्होंने कहा कि राम मंदिर करोड़ों लोगों की आस्था का केंद्र है, इसलिए वहां चोरी की घटना से लोगों की भावनाएं आहत हुई हैं।
कांग्रेस नेता मणिशंकर अय्यर के उस बयान पर, जिसमें उन्होंने जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रहे युवाओं को निडर बताया और शरजील इमाम के मामले का उल्लेख किया, गोपालनंद सरस्वती ने कहा कि यदि कोई व्यक्ति लंबे समय से जेल में है तो उसके पीछे निश्चित रूप से कोई न कोई आधार होगा। राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े मामलों में कई बार सभी सबूत सार्वजनिक नहीं किए जाते, लेकिन बिना किसी आधार के किसी को इतने लंबे समय तक जेल में नहीं रखा जा सकता।
वहीं, युवाओं की निडरता के सवाल पर उन्होंने कहा कि निडरता केवल युवाओं तक सीमित नहीं होनी चाहिए, बल्कि बच्चों, बुजुर्गों, समाज और शासन, सभी में निर्भीकता का भाव होना चाहिए। उन्होंने कहा कि सत्य और सात्विक मार्ग पर चलने वाला व्यक्ति निडर रहता है। एक निर्भीक भारत ही विकास के मार्ग पर तेजी से आगे बढ़ सकता है।
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