भाजपा मुख्यालय में मीडिया से बातचीत करते हुए सुधांशु त्रिवेदी ने कहा, ” सिर्फ 3 दिन बाद फिर से नीट की परीक्षा होगी। एक तरफ सारे छात्र परीक्षा की तैयारी कर रहे हैं। सरकार ने पूरी सतर्कता के साथ इस प्रक्रिया को व्यवस्थित रूप से संपन्न करने के लिए कमर कसी है। जहां सरकार संवेदनशीलता से काम कर रही है, वहीं कांग्रेस पार्टी और नेता विपक्ष राहुल गांधी कुटिलता का प्रयोग करते दिखाई पड़ रहे हैं।
सुधांशु त्रिवेदी ने कहा कि यह समय छात्रों के लिए पूरी तरह से अपनी परीक्षा पर ध्यान केंद्रित करने का है। ऐसे समय में छात्रों का ध्यान भटकाने की कोशिश क्यों की जा रही है। साथ ही छात्रों को रैली में बुलाने के लिए जिस तरह के तौर-तरीके अपनाए जा रहे हैं, उन पर भी सवालिया निशान है।
सुधांशु त्रिवेदी ने कहा, “हमने माना कि आप (राहुल गांधी) छात्र जीवन में भी असफल रहे, जिस कंपनी में नौकरी की वहां भी असफल रहे, कंपनी चलाई वहां भी असफल रहे और नेता के रूप में भी असफल रहे। जो आपके मन में ईर्ष्या का भाव है, आज अपनी सफलता के लिए पूर्ण मनोयोग से तैयारी कर रहे छात्रों पर उसे उतारने का प्रयास न करें।”
भाजपा प्रवक्ता ने कहा कि कांग्रेस को तीन सवालों के जवाब देने चाहिए। सुधांशु त्रिवेदी ने पूछा, “जब परीक्षा दोबारा कराने का फैसला हो चुका है और न्यायपालिका ने भी इस मामले का संज्ञान ले लिया है, तो अब आप असल में क्या मांग कर रहे हैं? सवाल नंबर 2- आपने राजस्थान को ही क्यों चुना? राजस्थान में कांग्रेस सरकार के दौरान 19 परीक्षा पेपर लीक हुए, फिर भी आपकी सरकार ने एक भी मामले में कार्रवाई नहीं की?
“सवाल नंबर 3- ऐसी खबरें आई हैं कि कोटा में गेस्ट हाउस और पीजी के मालिकों पर दबाव डाला जा रहा है और उन्हें डराया-धमकाया जा रहा है ताकि छात्रों को राहुल गांधी की रैली में लाया जा सके। परीक्षा से ठीक 72 घंटे पहले ऐसा क्यों किया जा रहा है? यह कांग्रेस की एक सोची-समझी साज़िश है। इसे ही “टूलकिट माइंडसेट” कहा जा सकता है।
