प्राप्त जानकारी के अनुसार, वर्तमान में फैक्ट्री में लगभग 1000 कर्मचारी कार्यरत हैं और प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे हैं। कंपनी की योजना आने वाले समय में लगभग एक हजार और लोगों को रोजगार से जोड़ने की है। इस परियोजना में अब तक 100 से 120 करोड़ रुपये के निवेश की बात सामने आई है।
फैक्ट्री के उद्घाटन के अवसर पर अरविंद लिमिटेड के वाइस चेयरमैन कुलिन लालभाई ने अपनी खुशी व्यक्त की। उन्होंने आईएएनएस से बात करते हुए कहा, “हमें बहुत गर्व है कि अरविंद लिमिटेड ने वाराणसी में स्टेट-ऑफ-द-आर्ट गारमेंट फैसिलिटी खड़ी की है।
फैक्ट्री में काम करने वाले कर्मचारियों और प्रशिक्षुओं में प्रधानमंत्री से मिलने को लेकर खासा उत्साह देखने को मिला। कई महिला कर्मचारियों ने इसे अपने जीवन का यादगार पल बताया। ऑपरेटर के तौर पर काम करने वाली संध्या ने कहा कि फैक्ट्री में आकर उन्हें बहुत अच्छा लग रहा है। प्रधानमंत्री से मुलाकात के बाद उनकी खुशी और बढ़ गई है। उन्होंने कहा कि यहां लगातार काम करने से उनके जीवन में निश्चित रूप से बड़ा बदलाव आएगा।
वसाव दक्ष ने बताया कि प्रधानमंत्री ने उनसे बात की और फैक्ट्री के बारे में जानकारी ली। उन्होंने पूछा कि उन्हें यहां कितना समय हुआ है और यहां की व्यवस्था कैसी है। प्रधानमंत्री से बातचीत कर उन्हें बहुत अच्छा लगा। अंजलि ने भी कुछ ऐसी ही प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री से आमने-सामने बात करके उन्हें बेहद अच्छा लगा और यह अनुभव उनके जीवन पर सकारात्मक प्रभाव डालेगा।
बीनू विश्वकर्मा ने अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री से मिलकर उन्हें बहुत खुशी हुई, हालांकि सीधे बातचीत का मौका नहीं मिल सका। बीनू ने कहा कि वह इस कंपनी में काम करके अपने भविष्य को उज्ज्वल बनाना चाहती हैं और कंपनी की तरक्की के साथ-साथ खुद को भी आगे बढ़ाना चाहती हैं।
फैक्ट्री में काम करने वाली सीमा कनौजिया ने बताया कि भले ही प्रधानमंत्री से बात करने का मौका नहीं मिला लेकिन उन्हें करीब से देखने और इस परिसर में आने का अवसर मिलना ही उनके लिए बड़ी बात है। उन्होंने कहा कि यहां आकर उन्हें कुछ कर दिखाने की प्रेरणा मिल रही है।
सीमा ने फैक्ट्री में बनने वाले उत्पादों के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि यहां सिलाई से जुड़े विभिन्न कार्य हो रहे हैं। अलग-अलग लेवल के अनुसार काम का बंटवारा किया गया है। यहां टी-शर्ट, शर्ट, जैकेट, लोअर, शेरवानी, जेंट्स बॉक्सर और लेडीज लेगिंग सहित कई तरह के परिधान तैयार किए जा रहे हैं। कोई सिलाई का काम कर रहा है तो कोई बंडल लगाने और लेबलिंग का कार्य संभाल रहा है।
सरोज देवी ने बताया कि वर्तमान में फैक्ट्री में सिलाई का काम चल रहा है और कर्मचारियों को प्रशिक्षण दिया जा रहा है। पहले बैच का प्रशिक्षण पूरा हो चुका है और दूसरे बैच का प्रशिक्षण जारी है। यहां शर्ट, पैंट, टी-शर्ट, कुर्ती और फ्लावर टी-शर्ट जैसे परिधान बनाए जा रहे हैं।
अरविंद समूह की बात करें तो इसकी शुरुआत वर्ष 1931 में गुजरात के अहमदाबाद में हुई थी। पिछले नौ दशकों से यह समूह टेक्सटाइल उद्योग में एक बड़ा नाम है।
