अजय चौटाला के बाद कांग्रेस प्रवक्ता ने कहा-‘जेन-जी अपना हक लड़कर लेंगे’​!

लोगों को शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात रखने के लिए सड़कों पर उतरना चाहिए। विरोध प्रदर्शन अहिंसक तरीके से होने चाहिए और मांगें संविधान के दायरे में रहकर उठाई जानी चाहिए।  

अजय चौटाला के बाद कांग्रेस प्रवक्ता ने कहा-‘जेन-जी अपना हक लड़कर लेंगे’​!

After-Ajay-Chautala-the-Congress-spokesperson-said-Gen-Z-will-fight-for-their-rights-and-get-them!

जननायक जनता पार्टी (जेजेपी) अध्यक्ष अजय चौटाला और समाजवादी पार्टी विधायक रविदास मेहरोत्रा के बाद कांग्रेस प्रवक्ता सुरेंद्र राजपूत ने कहा है कि ‘जेन-जी’ अपना हक लड़कर लेंगे। उन्होंने कहा कि युवा और ‘जेन-जी’ जागरूक हो रहे हैं और वे अपने अधिकारों के लिए आवाज उठाएंगे।

समाचार एजेंसी आईएएनएस से बातचीत में सुरेंद्र राजपूत ने कहा, “हम किसी भी रूप में हिंसा का समर्थन नहीं करते। लोगों को शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात रखने के लिए सड़कों पर उतरना चाहिए। विरोध प्रदर्शन अहिंसक तरीके से होने चाहिए और मांगें संविधान के दायरे में रहकर उठाई जानी चाहिए।”

उन्होंने आगे कहा, “हम संविधान तोड़ने या हिंसा का सहारा लेने का समर्थन नहीं करते, लेकिन युवा और ‘जेन-जी’ जागरूक हो रहे हैं। वे अपने अधिकारों के लिए आवाज उठाएंगे। वे अपना हक लड़कर लेंगे।”

इससे पहले, अजय चौटाला ने विवादित बयान दिया कि जिस तरीके से बांग्लादेश, नेपाल और श्रीलंका में हुआ, भारत में भी वैसा ही आंदोलन करना होगा। शासकों को गद्दी से खींचकर सड़कों पर दौड़ाकर पीटने का काम करना होगा और इन्हें देश छोड़ने पर मजबूर करना पड़ेगा।

अजय चौटाला की टिप्पणी पर प्रतिक्रिया देते हुए समाजवादी पार्टी के विधायक रविदास मेहरोत्रा ​​ने भी आंदोलन की बात की। उन्होंने कहा, “देश में बेरोजगारी और गरीबी है। ऐसे हालात में जनता और युवाओं को सत्ता में बैठे लोगों को हटाने के लिए सड़कों पर उतरकर विरोध प्रदर्शन करना होगा। तभी इस देश में युवाओं को उनके अधिकार और न्याय मिलेगा।”

सपा विधायक ने कहा, “आज देश में लोग महंगाई, बेरोजगारी, भ्रष्टाचार और भूख से परेशान हैं। जनता के पैसे से इकट्ठा किए गए टैक्स का इस्तेमाल केंद्र सरकार के मंत्री अपनी निजी ऐश-ओ-आराम के लिए कर रहे हैं। जिस तरह श्रीलंका, बांग्लादेश और नेपाल में युवा आंदोलनों ने सत्ता में बैठे लोगों को हटाया, वैसे ही हालात इस देश में भी बन रहे हैं। युवा परेशान हैं और ठगा हुआ महसूस कर रहे हैं।”​ 

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