उन्होंने सभी देशवासियों को तीनों पर्वों की शुभकामनाएं दीं। नसीरुद्दीन ने वक्फ बिल संशोधन पर भी बात की। उन्होंने कहा, “वक्फ बिल में बदलाव जरूरी था, लेकिन कुछ लोग इसे समझ नहीं पा रहे और विरोध कर रहे हैं। हो सकता है उन्हें कुछ हिस्सों से दिक्कत हो। जब यह संसद में आएगा, तो बहस होगी और सब साफ हो जाएगा।”
उनका मानना है कि यह बिल वक्फ की संपत्ति को सुरक्षित करेगा और पारदर्शिता लाएगा। उन्होंने कहा, “लोगों को गुमराह करने की कोशिश हो रही है कि मस्जिदें या कब्रिस्तान छिन जाएंगे, लेकिन ऐसा नहीं है। यह शरीयत का मामला नहीं, बल्कि वक्फ को बेहतर तरीके से चलाने का सवाल है।”
उन्होंने पीएम मोदी की तारीफ करते हुए कहा, ” पीएम मोदी ने रमजान में गरीब मुसलमानों तक मदद पहुंचाई। इससे वे ईद की खुशियों में शामिल हुए और उनकी दुआएं भी मिलीं। यह अच्छी पहल है।”
वहीं, योगी आदित्यनाथ के बयान “मुसलमानों के बीच हिंदू सुरक्षित नहीं” पर नसीरुद्दीन ने असहमति जताई। उन्होंने कहा, “मैं इससे सहमत नहीं हूं। हिंदुस्तान में हिंदू-मुसलमान सब सुरक्षित हैं। यह गंगा-जमुनी तहजीब का देश है। यह योगी जी का निजी विचार हो सकता है।”
नसीरुद्दीन ने देश की एकता को जरूरी बताया। उन्होंने कहा “हमारा मुल्क मिलजुल कर तरक्की कर रहा है। यहां सभी मजहब के लोग एक-दूसरे को बधाई देते हैं। यही हमारी पहचान है।”
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