मिश्रीलाल यादव ने कहा कि बीजेपी हमेशा से गरीबों, दलितों और पिछड़ों की विरोधी रही है और उनके उत्थान के लिए कभी ईमानदारी से काम नहीं किया। उन्होंने कहा, “अब मेरे लिए बीजेपी में बने रहना असंभव है, क्योंकि पार्टी में पिछड़े वर्ग और गरीबों का कोई सम्मान नहीं है।” यादव का यह बयान पार्टी के भीतर सामाजिक संतुलन और प्रतिनिधित्व को लेकर नए सिरे से बहस छेड़ सकता है।
उन्होंने याद दिलाया कि अलीनगर विधानसभा क्षेत्र में एनडीए को पहली बार जीत दिलाने में उनकी भूमिका अहम रही थी। मिश्रीलाल यादव ने कहा कि वे एक संघर्षशील यादव परिवार से आते हैं और उन्होंने राजनीति की शुरुआत ग्राम पंचायत मुखिया के रूप में की थी। इसके बाद वे दो बार एमएलसी रहे और वर्तमान में अलीनगर से विधायक हैं।
उन्होंने कहा कि उनका जीवन गरीबों और वंचित वर्ग के सम्मान की रक्षा के लिए समर्पित रहा है। यादव ने खुद को समाजवादी और सेक्युलर विचारधारा वाला व्यक्ति बताते हुए कहा कि उनकी राजनीति हमेशा सामाजिक न्याय और समानता के सिद्धांतों पर आधारित रही है। उनके इस्तीफे के बाद अलीनगर क्षेत्र की राजनीतिक समीकरणों में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है।
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