आखिरकार अमरावती को मिला आंध्र प्रदेश की एकमात्र राजधानी का दर्जा

राष्ट्रपति की मंजूरी के बाद कानून लागू

आखिरकार अमरावती को मिला आंध्र प्रदेश की एकमात्र राजधानी का दर्जा

Amaravati finally gets the status of sole capital of Andhra Pradesh

भारत सरकार द्वारा पारित आंध्र प्रदेश पुनर्गठन (संशोधन) अधिनियम, 2026 को राष्ट्रपति की मंजूरी मिलने के बाद आधिकारिक रूप से अमरावती को आंध्र प्रदेश की एकमात्र राजधानी घोषित कर दिया गया है। इस अधिनियम को राजपत्र में प्रकाशित कर लागू कर दिया गया। मुख्यमंत्री एन चंद्रबाबू नायडू ने इस फैसले का स्वागत करते हुए सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लिखा, “आंध्र प्रदेश की राजधानी अमरावती है।” उन्होंने इसे राज्य के लोगों के लंबे समय से चले आ रहे सपने की पूर्ति बताया।

नायडू ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि, “आंध्र प्रदेश के अपने लोगों की ओर से, मैं माननीय राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मू जी का आंध्र प्रदेश रीऑर्गेनाइज़ेशन (अमेंडमेंट) एक्ट, 2026 को उनकी मंज़ूरी देने के लिए बहुत-बहुत शुक्रिया अदा करता हूँ, जिससे हमारी राजधानी का लंबे समय से देखा गया सपना पूरा हुआ। मैं माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार को हमारे राज्य के प्रति उनके कमिटमेंट और उनके गाइडेंस, बिल का समर्थन करने वाले सभी सांसदों, हमारे राज्य के नेताओं और हमारे साथ खड़े हर नागरिक को धन्यवाद देता हूँ। यह मेरे आंध्र प्रदेश के लोगों, खासकर अमरावती के मेरे किसानों की जीत है।”

इस संशोधन के जरिए  आंध्र प्रदेश पुनर्गठन अधिनियम, 2014 में बदलाव किया गया है, जिसमें अब स्पष्ट रूप से जोड़ा गया है कि “अमरावती ही नई राजधानी होगी।” मूल अधिनियम में हैदराबाद को अधिकतम 10 वर्षों तक आंध्र प्रदेश और तेलंगाना की साझा राजधानी के रूप में रखा गया था, जिसके बाद हैदराबाद केवल तेलंगाना की राजधानी बननी थी और आंध्र प्रदेश को नई राजधानी स्थापित करनी थी।

इस निर्णय से पहले 28 मार्च को आंध्र प्रदेश विधानसभा ने अमरावती को एकमात्र राजधानी बनाने के समर्थन में प्रस्ताव पारित किया था। इसके बाद यह विधेयक संसद में पेश किया गया। 1 अप्रैल को लोकसभा और अगले दिन राज्यसभा ने इसे पारित कर दिया, हालांकि YSR कांग्रेस पार्टी के सांसदों ने विरोध जताते हुए वॉकआउट किया।

अब राष्ट्रपति की मंजूरी और राजपत्र अधिसूचना के बाद अमरावती को आधिकारिक रूप से आंध्र प्रदेश की एकमात्र राजधानी का दर्जा मिल गया है, जिससे राज्य के प्रशासनिक ढांचे को नई दिशा मिलने जा रही है।

यह भी पढ़ें:

न्यायिक अधिकारियों के घेराव मामले में सुप्रीम कोर्ट की पश्चिम बंगाल प्रशासन पर तीखी टिप्पणियां

सबरीमला मामला फिर सुप्रीम कोर्ट में, 9 जजों की संविधान पीठ के सामने होगी सुनवाई

ISIS मॉड्यूल का किया भंडाफोड़: खिलौने की कार में बम लगाकर हमले की साजिश नाकाम

महंगे लेजर या शॉक वेव नहीं, घुटनों के दर्द में साधारण उपाय ही सबसे प्रभावी

Exit mobile version