केजरीवाल चार्टर्ड प्लेन विवाद पर अवध ओझा का तीखा तंज बयान!

"क्या वे बैलगाड़ी पर चले?" उन्होंने बताया कि आज के दौर में तेज परिवहन और बेहतर संचार इसलिए विकसित किए गए हैं ताकि समय की बचत हो सके। 

केजरीवाल चार्टर्ड प्लेन विवाद पर अवध ओझा का तीखा तंज बयान!

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आम आदमी पार्टी के टिकट से दिल्ली विधानसभा का चुनाव लड़ चुके शिक्षाविद अवध ओझा ने अरविंद केजरीवाल और भगवंत मान के चार्टर्ड प्लेन में सफर को लेकर प्रतिक्रिया दी। केजरीवाल और भगवंत मान के चार्टर्ड प्लेन में यात्रा को लेकर पूछे गए सवाल पर अवध ओझा ने आईएएनएस से कहा, “क्या वे बैलगाड़ी पर चले?” उन्होंने बताया कि आज के दौर में तेज परिवहन और बेहतर संचार इसलिए विकसित किए गए हैं ताकि समय की बचत हो सके।

उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि अगर उन्हें यहां से गुवाहाटी क्लास लेने जाना हो और वे ट्रेन से जाएं, तो इसमें करीब 24 घंटे लग जाएंगे। ऐसे में विमान या बेहतर साधनों का उपयोग करना जरूरत है, न कि दिखावा।

उन्होंने कहा कि अगर एक आम आदमी मेहनत करके ऊंचाई तक पहुंच सकता है, तो उसकी लाइफस्टाइल भी बदलेगी। अगर मुझे कहीं जल्दी जाना हो, तो मैं भी समय बचाने के लिए तेज साधन चुनूंगा। इसका मतलब यह नहीं कि वह व्यक्ति आम आदमी से दूर हो गया है।

अवध ओझा ने कहा कि देश में आम आदमी ही असली राजा है और नेताओं की भी अपनी जिम्मेदारियां होती हैं। अगर कोई नेता चार्टर्ड प्लेन में यात्रा करता है, तो वह उसकी जरूरत के हिसाब से होता है। उन्होंने कहा कि निजी जीवन में नेता, आम आदमी की तरह ही रहते हैं।

वहीं, शराब घोटाले में अरविंद केजरीवाल को राहत मिलने के बाद जब उनसे पूछा गया कि क्या वे उन्हें भगवान मानते हैं, तो उन्होंने कहा कि किसी भी व्यक्ति को भगवान मानना गलत है और यह चापलूसी होगी।

उन्होंने केजरीवाल की तारीफ करते हुए उन्हें एक बहुत अच्छा नेता बताया, जिनके पास शानदार विजन है। अवध ओझा ने कहा कि उन्होंने केजरीवाल के साथ कई बार लंबी बैठकों में समय बिताया है, जहां शिक्षा, औद्योगिकीकरण और इंफ्रास्ट्रक्चर जैसे गंभीर मुद्दों पर चर्चा होती थी। केजरीवाल देश के भविष्य के नेता बन सकते हैं, क्योंकि लोग धीरे-धीरे बेहतर शिक्षा और स्वास्थ्य की जरूरत को समझ रहे हैं।

इसके अलावा फिल्मों में एंट्री को लेकर भी अवध ओझा ने दिलचस्प बात कही। उन्होंने बताया कि उनका बॉलीवुड में अच्छा संपर्क है और उन्होंने ‘मिर्जापुर’ के स्क्रिप्ट राइटर पुनीत कृष्णा समेत कई लोगों से उन्हें विलेन का रोल देने की बात कही है। ओझा ने हंसते हुए कहा कि अगर वे हीरो का रोल करेंगे तो शायद उसमें फिट नहीं बैठेंगे, लेकिन विलेन का किरदार वे बेहतर तरीके से निभा सकते हैं।

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