बंगाल पुलिस ने उड़ाया कानून का भद्दा मज़ाक: X यूज़र्स की जानकारी मांगने के लिए हत्या-अपहरण मामले में जोड़े नाम

बंगाल पुलिस ने उड़ाया कानून का भद्दा मज़ाक: X यूज़र्स की जानकारी मांगने के लिए हत्या-अपहरण मामले में जोड़े नाम

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पश्चिम बंगाल में कानून-व्यवस्था और पुलिस की कार्रवाई को लेकर एक नया विवाद सामने आया है। हालिया घटनाक्रम में, पश्चिम बंगाल पुलिस ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X से कुछ यूज़र्स की व्यक्तिगत और डिजिटल जानकारियां मांगने की कोशीश की, जिनमें मोबाइल नंबर, जीमेल आईडी और अंतिम IP लोकेशन भी मांगे हैं। दौरान तृणमूल कांग्रेस (TMC) की सांसद महुआ मोइत्रा ने सोशल मीडिया पर कथित लीक चैट स्क्रीनशॉट्स को लेकर कुछ यूज़र्स के खिलाफ FIR दर्ज कराने की बात कही थी।

सोशल मीडिया हैंडल ‘Political Kida’ चलाने वाले अंकुर सिंह को X की ओर से एक ईमेल आया, जिसमें बताया गया कि पश्चिम बंगाल पुलिस ने उनके अकाउंट से जुड़ी जानकारियां मांगी हैं। ईमेल में दो अटैचमेंट दिए गए, जिसमें भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 94 के तहत X को भेजा गया नोटिस था और उस FIR का विवरण के आधार पर जानकारी मांगी गई। अंकुर सिंह के अनुसार, जिस FIR का हवाला दिया गया है, वह अक्टूबर 2025 की एक हत्या और अपहरण की घटना से जुड़ी है।

सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया देते हुए अंकुर सिंह ने राज्य की कानून-व्यवस्था पर सवाल उठाए और कहा, “पश्चिम बंगाल में कानून व्यवस्था में मजाक बन चुकी है। महुआ जानती हैं कि इस मामले में केस दर्ज करने से सच्चाई सामने आ जाएगी। इसलिए बंगाल के DGP ने हमारे नाम एक अक्टूबर 2025 की हत्या के केस में जोड़ दिए। यह अपहरण और हत्या का मामला है, जो चार महीने पहले हुआ था। मैं पिछले 25 साल में बंगाल गया ही नहीं। केस में जिन लोगों का नाम है, उन्हें मैं जानता तक नहीं। और X से GMAIL और IP डिटेल्स क्यों चाहिए? क्या हमने ट्वीट के जरिए अपहरण और हत्या की? जब DGP खुद ऐसे फर्जी केस जोड़ रहे हों, तो अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई की उम्मीद कैसे की जा सकती है?”

5 फरवरी को महुआ मोइत्रा ने सोशल मीडिया पर एक के बाद एक पोस्ट कर अंकुर सिंह, सुरजीत दासगुप्ता, तनीषा वशिष्ठ, fauzdar15 और saffronhawk जैसे हैंडल्स के स्क्रीनशॉट साझा किए थे और कहा था कि उनके खिलाफ FIR दर्ज कराई गई है। इसके दो दिन बाद, 7 फरवरी को पश्चिम बंगाल पुलिस ने X को नोटिस जारी कर इन यूज़र्स की जानकारी मांगी।

इस विवाद की शुरुवात कथित चैट लीक से हुई थी, जिसमें दावा किया गया कि वायरल स्क्रीनशॉट्स महुआ मोइत्रा और जन सुराज प्रमुख प्रशांत किशोर के बीच की बातचीत के हैं। फिर महुआ मोइत्रा ने इन दावों को लेकर संबंधित हैंडल्स पर FIR दर्ज कराने की बात कही थी।

जिस मामले का DGP द्वारा हवाला दिया गया, वह 31 अक्टूबर 2025 का है। बिधाननगर (साउथ) पुलिस स्टेशन में दर्ज शिकायत में देबाशीष कामिला ने अपने बहनोई की कथित हत्या की बात कही थी। शिकायत के आधार पर भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न धाराओं के तहत प्रशांत बर्मन और कुछ अज्ञात लोगों के खिलाफ FIR दर्ज हुई थी। शिकायत के अनुसार, कोलकाता में काम करने वाले एक स्वर्णकार को खुद को अधिकारी बताने वाले कुछ लोग उसके कार्यस्थल से ले गए थे। अगले दिन न्यू टाउन के एक नाले से उसकी लाश मिली थी।

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