कर्नाटक में केम्पेगौड़ा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा (T2) परिसर में कुछ लोगों द्वारा नमाज़ अदा किए जाने का वीडियो सामने आने के बाद राजनीतिक विवाद तेज हो गया है। भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने इस घटना को सुरक्षा मानकों का उल्लंघन बताते हुए कांग्रेस सरकार पर पाखंडी नीति और तुष्टिकरण का आरोप लगाया है। प्रदेश भाजपा के प्रवक्ता विजय प्रसाद ने कहा कि एयरपोर्ट जैसे उच्च सुरक्षा क्षेत्र में ऐसी गतिविधि बिना अनुमति कैसे हो सकती है। उन्होंने मुख्यमंत्री सिद्धारमैया और आईटी मंत्री प्रियांक खड़गे से इस संबंध में स्पष्टीकरण मांगा है।
प्रसाद ने रविवार (9 नवंबर) रात एक वीडियो और एक तस्वीर साझा करते हुए लिखा, “क्या इन व्यक्तियों ने उच्च सुरक्षा वाले एयरपोर्ट क्षेत्र में नमाज़ अदा करने के लिए अनुमति ली थी? जब RSS अनुमति लेकर पथ संचलन करता है तो सरकार आपत्ति जताती है, लेकिन एक प्रतिबंधित क्षेत्र में इस तरह की गतिविधि पर आंखें बंद क्यों कर लेती है?” उन्होंने इसे गंभीर सुरक्षा मामला बताया और कहा कि घटना की जांच और कार्रवाई होनी चाहिए।
सोमवार को इंडिया टुडे से बातचीत में उन्होंने कहा, “मैं मुख्यमंत्री और आईटी मंत्री से पूछना चाहता हूँ कि क्या उन्हें यह स्वीकार्य है? यह उच्च सुरक्षा क्षेत्र है, फिर भी पुलिस या सुरक्षा अधिकारियों ने इसे रोका नहीं। क्या यह सरकार का पक्षपातपूर्ण रवैया नहीं दर्शाता?”
How is this even allowed inside the T2 Terminal of Bengaluru International Airport?
Hon’ble Chief Minister @siddaramaiah and Minister @PriyankKharge do you approve of this?Did these individuals obtain prior permission to offer Namaz in a high-security airport zone?
Why is it… pic.twitter.com/iwWK2rYWZa— Vijay Prasad (@vijayrpbjp) November 9, 2025
यह विवाद ऐसे समय में उठा है जब रविवार (9 नवंबर)को ही मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने सार्वजनिक स्थानों पर कार्यक्रमों के लिए अनुमति लेने के निर्देश किसी खास संगठन विशेषकर RSS को लक्ष्य बनाकर नहीं दिए गए कहा था। उन्होंने कहा, “आदेश में कहीं भी RSS का नाम नहीं है। कोई भी संगठन हो कार्यक्रम के लिए जिला प्रशासन से अनुमति लेनी होगी।” हालांकि सरकार की ओर से इस मामले पर कोई खुलासा सामने नहीं आया है।
इस बीच, यह भी ध्यान देने योग्य है कि एयरपोर्ट परिसर में धार्मिक गतिविधियों पर स्पष्ट प्रतिबंध आमतौर पर सुरक्षा मैनुअल के तहत लागू होता है, हालांकि T2 के अंदर शांत या निजी प्रार्थना वाले स्थानों की अनुमति कई एयरपोर्टों में दी जाती है। इस मामले में है की कि एयरपोर्ट पर नमाज़ अदा करने वालों ने कोई पूर्व अनुमति नहीं ली थी। एयरपोर्ट अथॉरिटी या पुलिस की ओर से इस घटना पर औपचारिक बयान अब तक जारी नहीं किया गया है। वहीं कांग्रेस की मुस्लिम तुष्टिकरण की राजनीति के तहत इस मामले को भी रफ़ा-दफ़ा किया जाना तय माना जा रहा है।
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