बैठक में सबसे प्रमुख निर्णय ‘सात निश्चय-3’ के तहत सार्वजनिक-निजी भागीदारी (पीपीपी) मॉडल पर राज्य के 16 ब्राउनफील्ड चिकित्सा महाविद्यालय एवं अस्पतालों, जिनमें डेंटल कॉलेज एवं अस्पताल भी शामिल हैं, के संचालन की प्रक्रिया को आगे बढ़ाने का रहा। इसके लिए ट्रांजैक्शन एडवाइजर के रूप में प्राइसवाटरहाउसकूपर्स प्राइवेट लिमिटेड (पीडब्ल्यूसी) को चयनित करते हुए 8.27 करोड़ रुपए की प्रशासनिक स्वीकृति प्रदान की गई।
कैबिनेट ने खेल क्षेत्र को बढ़ावा देने के उद्देश्य से राजगीर स्थित राज्य खेल अकादमी परिसर में ‘स्पोर्ट्स साइंस सेंटर’ की स्थापना और संचालन को भी मंजूरी दी। इस परियोजना पर लगभग 25 करोड़ रुपए खर्च किए जाएंगे। वहीं, ज्ञान भारतम मिशन के तहत प्राचीन पांडुलिपियों के डिजिटलीकरण और मेटाडाटा निर्माण की योजना के लिए 6.23 करोड़ रुपए से अधिक की प्रशासनिक स्वीकृति दी गई।
बैठक में शहरी जलापूर्ति को मजबूत करने के लिए अमृत 2.0 योजना के अंतर्गत जमालपुर जलापूर्ति परियोजना के लिए 102.22 करोड़ रुपए तथा मुंगेर जलापूर्ति परियोजना (फेज-1) के लिए 177.72 करोड़ रुपए की प्रशासनिक स्वीकृति प्रदान की गई।
न्यायिक व्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिए पूर्णिया, भागलपुर और गया प्रमंडल में एनडीपीएस अधिनियम के मामलों की सुनवाई हेतु विशेष न्यायालयों के गठन के लिए 27 नए पदों के सृजन को मंजूरी दी गई। इसके अलावा अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम के तहत लंबित मामलों के त्वरित निष्पादन के लिए राज्य के विभिन्न जिलों में 19 अतिरिक्त विशेष न्यायालय स्थापित किए जाएंगे, जिनके लिए 171 पदों के सृजन को स्वीकृति दी गई।
स्वास्थ्य क्षेत्र में बिहार आयुष चिकित्सा सेवा नियमावली, 2026 में संशोधन को स्वीकृति दी गई। साथ ही बिहार स्वास्थ्य विज्ञान विश्वविद्यालय, पटना के प्रशासनिक कार्यों के लिए छह नए पदों के सृजन का निर्णय लिया गया।
इसके अलावा पूर्वी चंपारण जिले में केंद्रीय विद्यालय की स्थापना के लिए राज्य सरकार की भूमि 30 वर्षों की लीज पर उपलब्ध कराने के प्रस्ताव को भी मंजूरी दी गई।
