भारी अंतर वाले रुझानों के बीच भाजपा के विपक्षी नेताओं ने चुनावी प्रक्रिया पर गंभीर सवाल उठाने लगे हैं। दोपहर 1:30 बजे के रुझान के अनुसार राष्ट्रिय लोकतान्त्रिक गठबंधन (NDA) को ऐतिहासिक विजय मिलती दिख रही है। भाजपा इस समय बिहार की सबसे बड़ी राजनितिक पार्टी बन कर उभरी है, जबकि संसद में विपक्षी राष्ट्रिय पार्टी कांग्रेस मात्र 4 सीटों पर सिमटती हुई दिख रही है। दौरान समाजवादी पार्टी सुप्रीम अखिलेश यादव पडोसी राज्य के नतीजे देखकर काँपने लगे है।
अपने सोशल मीडिया पोस्ट में अखिलेश यादव ने कहा है,”बिहार में जो खेल SIR ने किया है वो प. बंगाल, तमिलनाडू, यूपी और बाक़ी जगह पर अब नहीं हो पायेगा क्योंकि इस चुनावी साज़िश का अब भंडाफोड़ हो चुका है। अब आगे हम ये खेल, इनको नहीं खेलने देंगे। CCTV की तरह हमारा ‘PPTV’ मतलब ‘पीडीए प्रहरी’ चौकन्ना रहकर भाजपाई मंसूबों को नाकाम करेगा। भाजपा दल नहीं छल है।”
बिहार में जो खेल SIR ने किया है वो प. बंगाल, तमिलनाडू, यूपी और बाक़ी जगह पर अब नहीं हो पायेगा क्योंकि इस चुनावी साज़िश का अब भंडाफोड़ हो चुका है। अब आगे हम ये खेल, इनको नहीं खेलने देंगे।CCTV की तरह हमारा ‘PPTV’ मतलब ‘पीडीए प्रहरी’ चौकन्ना रहकर भाजपाई मंसूबों को नाकाम करेगा।…
— Akhilesh Yadav (@yadavakhilesh) November 14, 2025
बता दें की, अगले साल -2027 में उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव होने है, जिसमें अखिलेश यादव की समाजवादी पार्टी बड़ा हिस्सा रखती है, हालांकि विपक्षी पार्टी होने के साथ ही समाजवादी पार्टी बिहार की राष्ट्रिय जनता दल (RJD) से विचारधारा भी साझा करती है। इन दोनों पार्टियों में मुस्लिम-यादव जातिगत वोटबैंक पर विशेष भार दिया जाता है, जो बिहार के चुनाव नतीजों में ध्वस्त होता दिख रहा है।
विशेषज्ञों के अनुसार, बिहार में RJD के फेल होते मुस्लिम यादव और पिछड़ा,दलित, आदिवासी फॉर्म्युला के चलते अखिलेश यादव की चिंता और भी बढ़ गई है, जब की भारतीय जनता पार्टी विकास और महिला सुरक्षा के मुद्दे को बिहार में रेखांकित करने में सफल हुई है।
रुझानों के अनुसार भारतीय जनता पार्टी 91 सीटों पर आगे चल रही है, जनता दल (यूनाइटेड) 81 सीटों पर आगे चल रहा है। जबकि विपक्षी राष्ट्रिय जनता दल 26 सीट, कोंग्रस 4, और AIMIM 5 सीट पर बढ़त बनाए हुए है।
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