बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के नतीजे आज सामने आ गए हैं और दो चरणों में हुए मतदान के बाद राज्य ने एक बार फिर अपनी राजनीतिक परिपक्वता का प्रदर्शन किया। 67.13% के रिकॉर्ड वोटिंग ने इस चुनाव को ऐतिहासिक बना दिया। कुल 24.3 करोड़ की आबादी वाले बिहार ने आज 14 नवंबर को मतगणना के साथ सस्पेंस खत्म किया और जो तस्वीर उभरी, उसने हर राजनीतिक गणित को बदल दिया।
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व में NDA ने प्रचंड बहुमत की ओर कदम बढ़ा दिया है। शुरुआती रुझानों से लेकर आखिरी दौर तक NDA का ग्राफ लगातार ऊपर ही जाता रहा। स्थिति इस प्रकार है:
BJP – 93 सीटें
JD(U) – 83 सीटें
LJP(RV) – 19 सीटें
HAM – 5 सीटें
कुल मिलाकर NDA 200 से अधिक सीटों पर आगे है। बहुमत का आंकड़ा जहां 122 है, वहीं इससे कहीं आगे जाकर NDA ने तय कर दिया है कि नीतीश कुमार एक बार फिर मुख्यमंत्री की कुर्सी संभालेंगे। यह उनका पांचवां कार्यकाल होगा।
दूसरी तरफ, महागठबंधन की उम्मीदें पूरी तरह टूट गईं।
- RJD – 26 सीटें
- कांग्रेस – 3 सीटे
तेजस्वी यादव की अगुवाई वाला महागठबंधन इस चुनाव में कोई प्रभाव नहीं डाल सका। न जन सुराज, न VIP और न ही वाम दल किसी ने भी कोई खास पकड़ नहीं दिखाई। जब बाकी छोटे दल लगभग गायब हो गए, तब AIMIM ने एक बार फिर 5 सीटों पर जीत हासिल कर सबका ध्यान खींचा। पार्टी ने 23 सीटों पर किस्मत आजमाई थी।
NDA की ऐतिहासिक जीत के बाद दिल्ली स्थित भाजपा मुख्यालय में उत्सव का माहौल है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मुख्यालय पहुंचे और उन्होंने गमछा लहराकर विजय का संदेश दिया। बिहार की राजनीतिक संस्कृति में गमछा लहराना ‘रौले’ यानी तेज उत्साह और विजय का प्रतीक माना जाता है। कार्यकर्ताओं ने भी उसी अंदाज में उनका साथ दिया।
इस चुनाव में बिहार ने फिर साबित कर दिया कि वह बदलाव की चाहत का स्पष्ट और साहसी निर्णय लेने में सक्षम है।
2025 का यह जनादेश नीतीश कुमार और NDA के लिए एक बड़ी जीत है और विपक्ष के लिए कठोर संदेश भी। बिहार का लोकतंत्र एक बार फिर सबसे मजबूत होकर उभरा है।
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