राजद शिक्षक प्रकोष्ठ के प्रदेश अध्यक्ष कुमार राय और प्रवक्ता एजाज अहमद ने इन सभी नेताओं का पार्टी में स्वागत किया। कुमार राय ने कहा कि लालू प्रसाद यादव की सामाजिक न्याय की विचारधारा और तेजस्वी यादव के शिक्षा व रोजगार आधारित विज़न से प्रभावित होकर शिक्षक और भाजपा के नेता लगातार राजद का हिस्सा बन रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि यह सिलसिला आने वाले दिनों में और तेज होगा।
इस बीच विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने सोशल मीडिया पर बेरोजगारी और गरीबी के मुद्दे पर एनडीए सरकार को कठघरे में खड़ा किया।
तेजस्वी ने सवाल उठाया कि आखिर क्यों बिहार में आईटी कंपनियां नहीं आईं, उद्योग-विशिष्ट क्लस्टर और सेज क्यों नहीं बने? उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार ने भर्ती परीक्षाओं और नियुक्तियों को न तो पारदर्शी बनाया और न ही नियमित।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि कुशवाहा समाज से जुड़े नेताओं के राजद में आने से पार्टी को नई ताकत मिलेगी, वहीं भाजपा को संगठनात्मक स्तर पर झटका लग सकता है।
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