24 C
Mumbai
Thursday, February 19, 2026
होमराजनीतिबिहार विधानसभा चुनाव, हर बूथ पर 1200 से अधिक मतदाता नहीं होंगे!

बिहार विधानसभा चुनाव, हर बूथ पर 1200 से अधिक मतदाता नहीं होंगे!

22 नवंबर से पहले पूरा होगा मतदान

Google News Follow

Related

बिहार विधानसभा चुनाव की तैयारियाँ अंतिम चरण में पहुँच गई हैं। पटना में मीडिया से बातचीत करते हुए मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार ने कहा कि राज्य में पूरी चुनाव प्रक्रिया 22 नवंबर से पहले पूरी कर ली जाएगी। उन्होंने बिहार के मतदाताओं से अपील की कि इस लोकतांत्रिक महापर्व को त्योहार की तरह मनाएं, मतदान अवश्य करें और जिम्मेदारी निभाएं।

मतदाता सूची का शुद्धिकरण और बूथ स्तर की तैयारी

ज्ञानेश कुमार ने बताया कि हाल ही में बिहार में मतदाता सूची का व्यापक शुद्धिकरण किया गया। राज्य के 90,217 बूथ लेवल अधिकारियों ने अपने-अपने बूथों पर अनुकरणीय कार्य किया। इससे यह सुनिश्चित होगा कि चुनाव प्रक्रिया पारदर्शी और व्यवस्थित तरीके से चले।

CEC ने बताया कि अब किसी भी मतदान केंद्र पर 1200 से अधिक मतदाता पंजीकृत नहीं होंगे, यह नियम पूरे देश में समान रूप से लागू होगा। आयोग ने 100 मीटर की दूरी पर पोलिंग बूथ स्थापित करने की अनुमति दी है, जिससे मतदाताओं को सुविधा और भीड़-भाड़ से राहत मिले।

चुनाव आयोग ने वेबकास्टिंग की व्यवस्था सुनिश्चित की है, ताकि मतदान की हर गतिविधि पर रियल-टाइम निगरानी रखी जा सके। इसके साथ ही, बूथ के बाहर मोबाइल फोन रखने की व्यवस्था की गई है, जिससे मतदान केंद्र के अंदर किसी तरह का इलेक्ट्रॉनिक व्यवधान या गड़बड़ी न हो।

नए डिजिटल और तकनीकी सुधार

बिहार चुनाव में कई नए डिजिटल और तकनीकी सुधार लागू किए जा रहे हैं। चुनाव आयोग ने One Stop Digital Platform की शुरुआत की है, जिससे मतदाता अपनी जानकारी और मतदान से जुड़ी सेवाओं तक आसानी से पहुँच सकेंगे। ईवीएम पर बैलेट पेपर में अब कलरफुल फोटो और स्पष्ट सीरियल नंबर होंगे, जिससे मतदाता की पहचान और भी आसान हो जाएगी। पोस्टल बैलेट की गिनती EVM के दो राउंड शुरू होने से पहले की जाएगी, ताकि परिणाम प्रक्रिया और पारदर्शी बने। इसके साथ ही, चुनाव समाप्त होने के कुछ ही दिनों में सभी मतदाताओं को डिजिटल इंडेक्स कार्ड उपलब्ध कराया जाएगा।

मतदाता शिकायत और अपील प्रक्रिया

मतदाता शिकायत और अपील प्रक्रिया को भी सरल और स्पष्ट बनाया गया है। मतदान केंद्र स्तर पर BLO (Booth Level Officer) जिम्मेदार होंगे, जबकि उनके ऊपर ERO (Electoral Registration Officer) मतदाता सूची तैयार करने की जिम्मेदारी निभाएंगे। यदि किसी व्यक्ति का नाम सूची में शामिल नहीं है, तो वह जिला अधिकारी (DM) के पास अपील कर सकता है। और यदि DM के निर्णय में भी कोई त्रुटि हो, तो आगे मुख्य निर्वाचन अधिकारी (CEO) के समक्ष अपील दायर की जा सकती है। इस व्यवस्था से मतदाताओं को अपने अधिकार सुरक्षित करने और किसी भी गलती को सही करवाने का स्पष्ट मार्ग मिलेगा।

ज्ञानेश कुमार ने कहा कि भारत का चुनाव और चुनाव आयोग दुनिया की सबसे बड़ी चुनावी व्यवस्था का उदाहरण हैं। बिहार चुनाव को ध्यान में रखते हुए 17 नए इनिशिएटिव्स लागू किए गए हैं, जिससे मतदान सुरक्षित, पारदर्शी और तकनीकी रूप से मजबूत होगा। इस तैयारी के साथ ही बिहार के मतदाता 22 नवंबर से पहले अपने लोकतांत्रिक अधिकार का प्रयोग कर सकेंगे और चुनाव आयोग का लक्ष्य है कि हर मतदाता को सुगम और भरोसेमंद मतदान का अनुभव मिले।

यह भी पढ़ें:

अरविंद केजरीवाल गिरगिट की तरह रंग बदलने में माहिर हैं : प्रवीण खंडेलवाल

टीम इंडिया ने नो-हैंडशेक नीति जारी रखी, पाकिस्तान ने टॉस जीतकर चुनी गेंदबाजी

आरएसएस देश भक्ति को बढ़ावा देने के लिए काम करता है: शहाबुद्दीन रजवी बरेलवी!

National Stock Exchange

लेखक से अधिक

कोई जवाब दें

कृपया अपनी टिप्पणी दर्ज करें!
कृपया अपना नाम यहाँ दर्ज करें

The reCAPTCHA verification period has expired. Please reload the page.

Star Housing Finance Limited

हमें फॉलो करें

151,178फैंसलाइक करें
526फॉलोवरफॉलो करें
293,000सब्सक्राइबर्ससब्सक्राइब करें

अन्य लेटेस्ट खबरें