इससे पहले 2 मार्च को भाजपा अध्यक्ष नितिन नवीन ने पश्चिम बंगाल का दौरा किया था। इस दौरान उन्होंने सिलीगुड़ी में एक जनसभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री और टीएमसी प्रमुख ममता बनर्जी पर निशाना साधा था। घुसपैठ के मुद्दे को लेकर नितिन नवीन ने कहा था कि जिस तरह से बंगाल बांग्लादेशियों के देश में घुसने का रास्ता बन गया है, उससे हमारे डेमोग्राफिक बैलेंस के बिगड़ने का खतरा है।
नितिन नवीन ने पश्चिम बंगाल के सिलीगुड़ी में व्यापार, वाणिज्य और व्यवसाय क्षेत्रों के दिग्गजों से बात करते हुए कहा, “बंगाल पहले सबसे बड़ा औद्योगिक क्षेत्र था, लेकिन इसमें तेजी से गिरावट हो रही है, और इसकी जिम्मेदार राज्य सरकार है, क्योंकि जिस प्रकार से इसको महत्व देना था, इस इलाके को यहां की राज्य सरकार ने महत्व ही नहीं दिया।
उन्होंने आगे कहा, “ममता सरकार में बंगाल आज भ्रष्टाचार और हिंसा का गढ़ बन गया है। जो पश्चिम बंगाल की पहचान थी, ममता सरकार ने उसे मिटाने का काम किया है।”
इसी बीच, भाजपा अध्यक्ष ने घुसपैठियों का मुद्दा उठाते हुए कहा, “राज्य सरकार बंगाल के लोगों को पलायन करने के लिए मजबूर कर रही है, जबकि बांग्लादेश से आए घुसपैठियों को यहां बसने दे रही है। मतदाता सूची से 50 लाख से ज्यादा नाम हटा दिए गए हैं। यह साफ है कि उन्हें बसाने में किसने मदद की और उन्हें अधिकार दिए।”
बता दें कि पश्चिम बंगाल में मतदान 23 अप्रैल और 29 अप्रैल को दो चरणों में होगा। इसके बाद सभी राज्यों की विधानसभा सीटों पर मतगणना 4 मई को होगी। यह साल 2021 के विधानसभा चुनाव से बिल्कुल अलग है, जब मतदान 27 मार्च से 29 अप्रैल के बीच आठ चरणों में हुआ था।
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