30 C
Mumbai
Thursday, February 19, 2026
होमदेश दुनियाराहुल-सीसीपी बैठक पर भाजपा का सवाल, मालवीय बोले- पक्ष किसका?

राहुल-सीसीपी बैठक पर भाजपा का सवाल, मालवीय बोले- पक्ष किसका?

मिस्टर गांधी, जब हमारे सुरक्षाबल अपनी जान की बाजी लगाकर हिंसक उग्रवाद को तबाह करने की कोशिश कर रहे हैं। ऐसे में आप उनका साथ दे रहे हैं। आप वास्तव में किसकी तरफ हैं? राहुल गांधी ने भी कथित तौर पर इस पर विचार करने का आश्वासन दिया है।'

Google News Follow

Related

राहुल गांधी ने हाल ही में कॉर्डिनेशन कमेटी फॉर पीस ( सीसीपी) के सदस्यों से मुलाकात के बाद भाजपा नेता ने इस पर सवाल उठाए हैं। भाजपा नेता अमित मालवीय ने सोशल मीडिया पर साझा एक पोस्ट में राहुल गांधी के सीसीपी नेताओं से मुलाकात पर शंका जाहिर की।
उन्होंने लिखा कि ‘ऐसे समय में जब भारत नक्सलवाद के खिलाफ निर्णायक लड़ाई लड़ रहा है, ऐसे में राहुल गांधी का माओवादी समूह के शुभचिंतकों से मिलना, परेशान करने वाला है।’
भाजपा नेता बताया कि सीसीपी के प्रतिनिधिमंडल में कविता श्रीवास्तव, रिटायर्ड प्रोफेसर जी हरगोपाल, रिटायर्ड जस्टिस चंद्र कुमार, भारत बचाओ के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष डॉ. एमएफ गोपीनाथ, झारखंड जन अधिकार महासभा के दिनेश मुर्मू और लेखक मीना कांदासामी शामिल हैं। अमित मालवीय ने दावा किया कि यह शांति समन्वय समिति हाल ही में दिल्ली में गठित की गई और इसका उद्देश्य सरकार और सीसीपी नेतृत्व के बीच शांति वार्ता कराना है।
अमित मालवीय ने लिखा कि ‘सुरक्षाबल नक्सलियों के खिलाफ ऑपरेशन चला रहे हैं, जिसमें सीपीआई (माओवादी) कैडर को भारी नुकसान झेलना पड़ रहा है। ऐसे में कथित शांति समन्वय समिति (कॉर्डिनेशन कमेटी फॉर पीस) द्वारा कांग्रेस के समर्थन से सुरक्षाबलों और माओवादी उग्रवादियों के बीच संघर्ष विराम की कोशिश की जा रही है।
सीसीपी के प्रतिनिधिमंडल ने 9 मई को नई दिल्ली में राहुल गांधी से मुलाकात की।सीसीपी प्रतिनिधिमंडल का आरोप है कि सरकार माओवादी विरोधी ऑपरेशन के जरिए आदवासी समुदाय को निशाना बना रही है। उन्होंने राहुल गांधी से दखल देने और संघर्षविराम कराने की अपील की है।’

मालवीय ने दावा किया कि ‘ सीसीपी प्रतिनिधिमंडल ने सुझाव दिया कि कांग्रेस के नेतृत्व वाली तेलंगाना सरकार को भी शांति वार्ता के लिए संघर्षविराम के लिए जोर लगाना चाहिए। राहुल गांधी ने भी कथित तौर पर इस पर विचार करने का आश्वासन दिया है।’

भाजपा नेता अमित मालवीय ने सवाल उठाते हुए पूछा कि मिस्टर गांधी, जब हमारे सुरक्षाबल अपनी जान की बाजी लगाकर हिंसक उग्रवाद को तबाह करने की कोशिश कर रहे हैं। ऐसे में आप उनका साथ दे रहे हैं। आप वास्तव में किसकी तरफ हैं? देश को रक्षकों की तरफ या प्रतिबंधित उग्रवादी संगठन की तरफ। आपकी क्या प्राथमिकताएं हैं?

गृह मंत्रालय द्वारा शुरू किये गए ऑपरेशन कगार का उद्देश्य नक्सलियों को खत्म करना और माओवाद की राजनीतिक विचारधारा को खत्म करना है। इस अभियान में उन माओवादियों को भारी नुकसान हुआ है जिन्होंने सरकार के सामने आत्मसमर्पण करने से इनकार कर दिया है। इस ऑपरेशन के तहत सुरक्षाबलों के साथ मुठभेड़ में कई नक्सली मारे गए हैं।

यह भी पढ़ें-

Gujrat: भारतीय सेना के सम्मान में निकाली गई तिरंगा यात्रा, शामिल हुए मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल

National Stock Exchange

लेखक से अधिक

कोई जवाब दें

कृपया अपनी टिप्पणी दर्ज करें!
कृपया अपना नाम यहाँ दर्ज करें

The reCAPTCHA verification period has expired. Please reload the page.

Star Housing Finance Limited

हमें फॉलो करें

151,173फैंसलाइक करें
526फॉलोवरफॉलो करें
294,000सब्सक्राइबर्ससब्सक्राइब करें

अन्य लेटेस्ट खबरें