प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को ब्राजील की राजकीय यात्रा के दौरान देश के सर्वोच्च नागरिक सम्मान ‘ग्रैंड कॉलर ऑफ द नेशनल ऑर्डर ऑफ द सदर्न क्रॉस’ से सम्मानित किया गया। यह सम्मान न केवल पीएम मोदी के लिए, बल्कि 140 करोड़ भारतीयों के लिए भी गौरव और भावुकता का क्षण रहा। राष्ट्रपति लुइज इंसियो लूला दा सिल्वा ने उन्हें यह सम्मान भव्य समारोह में प्रदान किया।
यह पुरस्कार प्रधानमंत्री मोदी को मिला 26वां अंतरराष्ट्रीय सम्मान है और उनकी हालिया पांच देशों की यात्रा का तीसरा वैश्विक सम्मान। सम्मान स्वीकार करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, “अमेजन की प्राकृतिक सुंदरता और ब्राजील की आत्मीयता ने हमें मंत्रमुग्ध कर दिया है। यह सम्मान भारत और ब्राजील के बीच की गहराती साझेदारी का प्रतीक है।”
Agradeço ao meu bom amigo, o Presidente Lula, ao Governo e ao maravilhoso povo brasileiro pela gentileza desta visita. Nos últimos dias, participei da Cúpula do BRICS no Rio de Janeiro e mantive conversas bilaterais com o Presidente Lula em Brasília.@LulaOficial pic.twitter.com/5z7Sp51tpa
— Narendra Modi (@narendramodi) July 8, 2025
ब्रासीलिया में भारत-ब्राजील संयुक्त प्रेस वक्तव्य के दौरान दोनों नेताओं ने द्विपक्षीय संबंधों को नई ऊंचाई देने के लिए कई समझौतों और साझेदारियों की घोषणा की। पीएम मोदी ने कहा कि दोनों देशों ने अगले पांच वर्षों में द्विपक्षीय व्यापार को 20 बिलियन डॉलर तक ले जाने का महत्वाकांक्षी लक्ष्य तय किया है।
उन्होंने कहा, “फुटबॉल ब्राजील का जुनून है और क्रिकेट भारत का। जब दोनों एक टीम में हों, तो 20 बिलियन डॉलर की साझेदारी कोई मुश्किल लक्ष्य नहीं है।” ऊर्जा और पर्यावरण के क्षेत्र में हुए समझौते को पीएम मोदी ने ग्रीन गोल को नई दिशा देने वाला कदम बताया। साथ ही उन्होंने बताया कि रक्षा सहयोग और AI व सुपर कंप्यूटर जैसे नई तकनीकों में भी दोनों देशों की साझेदारी लगातार बढ़ रही है।
पीएम मोदी ने खुलासा किया कि भारत और ब्राजील मिलकर यूपीआई को ब्राजील में लागू करने की दिशा में काम कर रहे हैं। इसके अलावा डिजिटल सार्वजनिक अवसंरचना, अंतरिक्ष, और कृषि अनुसंधान जैसे क्षेत्रों में साझा विशेषज्ञता और इनोवेशन को बढ़ावा देने पर भी सहमति बनी।
प्रधानमंत्री मोदी ने आतंकवाद के खिलाफ कड़ा रुख दोहराते हुए कहा, “हमारी सोच समान है — शून्य सहिष्णुता और शून्य दोहरे मापदंड। आतंकवाद और उसके समर्थकों का कोई स्थान नहीं है।” उन्होंने कहा कि आज जब दुनिया तनाव और अनिश्चितता से गुजर रही है, भारत-ब्राजील की साझेदारी वैश्विक स्थिरता और संतुलन का अहम स्तंभ बन सकती है। उन्होंने स्पष्ट किया कि सभी विवादों का समाधान संवाद और कूटनीति से ही संभव है।
प्रधानमंत्री मोदी की ब्राजील यात्रा ने दोनों देशों के बीच राजनीतिक, आर्थिक और रणनीतिक साझेदारी को नई गति दी है। राष्ट्रपति लूला द्वारा प्रदान किया गया यह सर्वोच्च सम्मान भारत-ब्राजील मैत्री का प्रतीक बन गया है, जो आने वाले वर्षों में और भी मजबूत होता दिखाई देगा।



