महाराष्ट्र की राजनीति में एक बार फिर से हलचल तेज हो गई है। राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) के वरिष्ठ नेता और नाशिक जिले के येवला विधानसभा क्षेत्र से विधायक छगन भुजबल के राज्य मंत्रिमंडल में शामिल होने की संभावना प्रबल हो गई है। विश्वसनीय सूत्रों के अनुसार, आगामी मंगलवार को राजभवन में उनका शपथग्रहण समारोह आयोजित हो सकता है।
धनंजय मुंडे के हालिया इस्तीफे से खाली हुए मंत्री पद को भरने के लिए भुजबल का नाम सबसे प्रबल दावेदार के रूप में उभरा है। बताया जा रहा है कि एनसीपी (पवार गुट) और गठबंधन सरकार के शीर्ष नेतृत्व ने सर्वसम्मति से भुजबल को मंत्री बनाए जाने पर सहमति दी है।
ओबीसी समुदाय के प्रभावशाली नेता माने जाने वाले भुजबल पूर्व में भी मंत्रिमंडल विस्तार में नजरअंदाज किए जाने से नाराज थे और उन्होंने सार्वजनिक रूप से अपनी नाखुशी भी जाहिर की थी। उनके समर्थक लंबे समय से उन्हें मंत्रिमंडल में शामिल किए जाने की मांग कर रहे थे। अब जब शपथग्रहण की संभावनाएं प्रबल हो गई हैं, तो उनके समर्थकों में स्पष्ट उत्साह का माहौल है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि भुजबल का मंत्री बनना न केवल उनकी नाराजगी को दूर करेगा, बल्कि आगामी स्थानीय निकाय चुनावों को ध्यान में रखते हुए ओबीसी मतदाताओं को भी साधने की रणनीति का हिस्सा हो सकता है। सूत्रों के अनुसार, भुजबल के अनुभव और प्रशासनिक दक्षता को देखते हुए उन्हें कोई महत्वपूर्ण विभाग सौंपा जा सकता है।
फिलहाल इस घटनाक्रम को लेकर न तो एनसीपी की ओर से और न ही गठबंधन के अन्य घटक दलों की तरफ से कोई आधिकारिक बयान जारी किया गया है। फिर भी, सूत्रों का दावा है कि राजभवन में शपथग्रहण समारोह की तैयारियां शुरू हो चुकी हैं।
अब सभी की निगाहें मंगलवार पर टिकी हैं, जब संभवतः छगन भुजबल एक बार फिर मंत्री पद की शपथ लेकर महाराष्ट्र की राजनीति में अपनी सक्रिय भागीदारी को औपचारिक रूप से बहाल कर सकते हैं।
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