छत्तीसगढ़ के चर्चित शराब घोटाले से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने शुक्रवार (18 जुलाई) को बड़ा कदम उठाते हुए पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के बेटे चैतन्य बघेल को गिरफ्तार कर लिया। यह गिरफ्तारी उस वक्त हुई जब राज्य विधानसभा का सत्र चल रहा था और भूपेश बघेल खुद सदन में मौजूद थे। ईडी की टीम ने शुक्रवार (18 जुलाई) सुबह भिलाई स्थित बघेल निवास पर छापा मारा, जहां घंटों तलाशी अभियान के बाद चैतन्य बघेल को हिरासत में लिया गया। यह कार्रवाई उनके जन्मदिन के दिन की गई, जिसने राजनीतिक हलकों में और भी ज्यादा हलचल पैदा कर दी है।
चैतन्य बघेल की गिरफ्तारी की खबर मिलते ही कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने भिलाई में विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। कार्यकर्ताओं की पुलिस से झड़प भी हुई और उन्होंने ईडी की गाड़ियों को रोकने की कोशिश की। इस दौरान क्षेत्र में तनाव की स्थिति बन गई, जिसे काबू में लाने के लिए भारी पुलिस बल तैनात करना पड़ा।
गिरफ्तारी की सूचना जैसे ही विधानसभा तक पहुंची, कांग्रेस विधायकों ने जोरदार हंगामा किया। उन्होंने सरकार पर ईडी के राजनीतिक दुरुपयोग का आरोप लगाते हुए नारेबाजी की और कार्यवाही स्थगित करने की मांग की। कांग्रेस ने इसे विपक्ष की आवाज दबाने की साजिश बताया।
कांग्रेस ने एक्स पर पोस्ट करते हुए केंद्र सरकार पर जमकर हमला बोला। पोस्ट में लिखा गया, “छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के घर ईडी भेज दी गई है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ईडी, सीबीआई और आयकर विभाग को अपने पालतू की तरह इस्तेमाल कर रहे हैं। विपक्ष का जो भी नेता उनके भ्रष्टाचार के खिलाफ बोलता है, उस पर छापे डलवा दिए जाते हैं।”
कांग्रेस ने यह भी आरोप लगाया कि, “भूपेश बघेल आज विधानसभा में पेड़ काटने का मुद्दा उठाने वाले थे, उससे पहले ईडी भेज दी गई। लेकिन पीएम मोदी याद रखें, इन गीदड़ भभकियों से कांग्रेस और उसके नेता डरने वाले नहीं हैं। हम और मजबूती से आपके भ्रष्टाचार को उजागर करेंगे।”
ईडी की जांच छत्तीसगढ़ में हुए एक कथित शराब घोटाले को लेकर है, जिसमें सरकारी संरक्षण में शराब के ठेकों और सप्लाई चेन में घोटाले के आरोप लगे हैं। इस मामले में पहले भी कई लोगों से पूछताछ हो चुकी है और छापेमारियां की गई हैं। ईडी ने दावा किया है कि इसमें करोड़ों रुपये की अवैध कमाई को वैध दिखाने के लिए मनी लॉन्ड्रिंग की गई थी।
चैतन्य बघेल को पूछताछ के लिए ईडी अपने रायपुर कार्यालय लेकर गई है। संभावना है कि उन्हें रिमांड पर लेने के लिए कोर्ट में पेश किया जाएगा। इस गिरफ्तारी के बाद राज्य की राजनीति में घमासान तेज हो गया है, जहां कांग्रेस इसे राजनीतिक प्रतिशोध बता रही है और भाजपा इसे कानून सम्मत कार्रवाई करार दे रही है। इस पूरे घटनाक्रम से साफ है कि छत्तीसगढ़ में केंद्र और राज्य के बीच राजनीतिक टकराव अब और तेज़ हो सकता है, खासकर जब गिरफ्तारी विपक्षी नेताओं के परिवार से हो रही हो।
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