मध्य प्रदेश विधानसभा के अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर ने कहा कि यह सही समय है जब देश की लोकतांत्रिक व्यवस्था को मज़बूत बनाने और 2047 का विकसित भारत बनाने के लिए युवा शक्ति का भरपूर योगदान होना चाहिए। युवा विधायक इस जागरूकता को पैदा करने के सबसे सशक्त माध्यम हैं। युवा विधायक परिवर्तनकारी भी हैं और लोकतंत्र को अधिक जीवंत, जवाबदेह और समावेशी बनाने वाले कर्ता भी।
युवा विधायक समाज का लोकतंत्र में विश्वास बढ़ाने में सबसे अहम् भूमिका निभा सकते हैं और सक्रियता ही यह सुनिश्चित करती है कि लोकतंत्र केवल वोट देने तक सीमित न रहे, बल्कि शासन में भागीदारी तक पहुँचे। दो दिनों तक चले इस युवा विधायक सम्मेलन में मध्यप्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ के युवा विधायकों ने हिस्सा लिया।
उन्होंने कहा कि सितंबर 2025 में शुरू हुए इस आंदोलन का नेतृत्व किसी राजनीतिक दल ने नहीं, बल्कि इंटरनेट और सोशल मीडिया के दौर में पली-बढ़ी पीढ़ी ने किया था जिसे जेन ज़ी कहा जाता है। जेन ज़ी यानी 1997-2012 के बीच जन्मे बच्चे।
उन्होंने कहा कि हमारे तीनों पड़ोसी देशों की इन राजनीतिक घटनाओं की तुलना में जब अपने देश को देखते है तो एक सुखद अनुभूति होती है कि हमारे देश में युवा आक्रोशित नहीं हैं बल्कि वे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विकसित भारत 2047 के स्वप्न को पूरा करने के मनोबल से परिपूर्ण हैं। उन्होंने आगे कहा कि विकसित भारत 2047 एक महत्वाकांक्षी विजन है जिसका लक्ष्य देश की स्वतंत्रता के 100वें वर्ष 2047 तक भारत को एक विकसित राष्ट्र बनाना है।
उन्होंने कहा कि इस मिशन को प्रधानमंत्री मोदी ने युवा, गरीब, महिलाओं और किसानों के विकास की योजना पर ध्यान केंद्रित किया है। नवाचार और कौशल विकास के माध्यम से नई पीढ़ी को सशक्त बनाना है। शून्य गरीबी का लक्ष्य और 100 प्रतिशत बुनियादी सुविधाओं की पहुंच सुनिश्चित करना है।
यूपी सरकार में औद्योगिक क्रांति, 9 साल में 17 हजार कारखाने पंजीकृत : प्रमुख सचिव!



