जनसभा को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि यह जनसमर्थन कांग्रेस के लिए चिंता का विषय है। कांग्रेस पहले से ही हैरान-परेशान है और मतदान से ठीक पहले इस तरह की तस्वीरें उसे और पस्त कर देंगी। जनता का यह उत्साह एक मजबूत संदेश दे रहा है।
उन्होंने असम की सांस्कृतिक विविधता और एकता की सराहना करते हुए कहा कि राज्य में एक भारत-श्रेष्ठ भारत की शानदार विरासत रही है। अहोम, कोच-राजबंशी, मोरान, मोतोक, मिसिंग, देवरी जैसे कई समाज सदियों से सौहार्द के साथ यहां रहते आए हैं।
इस दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने कांग्रेस पर भी तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि नुमालीगढ़ से डिब्रूगढ़ तक का हाईवे कांग्रेस की असम के प्रति उपेक्षा का स्पष्ट उदाहरण है। यह परियोजना 2005 में स्वीकृत हुई थी, लेकिन 2013 तक इसमें कोई प्रगति नहीं हुई, जबकि इस दौरान केंद्र में कांग्रेस की सरकार थी।
पीएम मोदी ने आरोप लगाया कि कांग्रेस ने असम के साथ सौतेला व्यवहार किया, जिसके कारण अपर असम और बराक घाटी जैसे क्षेत्रों का विकास प्रभावित हुआ। इस उपेक्षा के चलते असम लंबे समय तक पिछड़ा और विभाजित रहा। कांग्रेस के दशकों के कुशासन ने असम की कनेक्टिविटी की कोई चिंता नहीं की। बोगिबिल ब्रिज हो, भूपेन हजारिका सेतु हो, जोरहाट-माजुली सेतु हो, ब्रह्मपुत्र और अन्य नदियों पर बन रहे ऐसे सेतु इस क्षेत्र की कनेक्टिविटी को नई ऊंचाई पर पहुंचा रहे हैं।
पीएम मोदी ने आगे कहा कि कुछ दिन पहले, दुनिया ने मोरान में एक शानदार नजारा देखा, जहां भाजपा-एनडीए सरकार द्वारा बनाए गए एक नए हाईवे पर लड़ाकू विमानों ने लैंडिंग की। मैं भी वायुसेना के साथ-साथ उसी सड़क पर उतरा। महज दस साल पहले, असम के लोगों को सड़कों की बुनियादी सुविधाओं, यानी गाड़ियों के चलने लायक सड़कों, के लिए भी गुहार लगानी पड़ती थी।
दिल्ली विधानसभा: कार गेट तोड़कर अंदर घुसी, चालक वाहन समेत फरार
