कांग्रेस विधायक राहुल ममकूटाथिल के खिलाफ दर्ज बलात्कार और जबरन गर्भपात के गंभीर आरोपों की जांच कर रही पुलिस ने उनकी तलाश तेज कर दी है। विधायक ने शिकायत दर्ज होने के बाद से ही फरार होने का विकल्प चुना, जबकि उनकी अग्रिम जमानत याचिका बुधवार (3 दिसंबर)को अतिरिक्त जिला एवं सत्र अदालत में सुनवाई के लिए तय है।
पुलिस टीम ने रविवार (38 नवंबर) को पालक्कड स्थित राहुल के अपार्टमेंट में छापेमारी की, जहां पीड़िता ने आरोप लगाया है कि इसी फ्लैट में मई के अंतिम सप्ताह के दौरान दो दिनों तक उसके साथ दुष्कर्म किया गया। हालांकि पुलिस को अपार्टमेंट के सीसीटीवी फुटेज से कोई खास सफलता नहीं मिली, क्योंकि कैमरों में सिर्फ एक महीने का ही बैकअप मौजूद था, जिससे मई का डेटा उपलब्ध नहीं था।
सूत्रों के अनुसार, पुलिस ने राहुल के निजी स्टाफ से पूछताछ की और उनके फोन कॉल रिकॉर्ड भी खंगाले हैं। पुलिस डिजिटल ट्रेल के जरिए उन्हें ट्रैक करने की कोशिश कर रही है और आशंका है कि विधायक अपने कुछ करीबी समर्थकों की मदद से छिपे हुए हैं।
जिला भर के कई स्थानों से सीसीटीवी फुटेज जुटाए गए हैं, ताकि यह पता लगाया जा सके कि विधायक कौन-सा रास्ता अपनाकर जिले से होंगे। इंटेलिजेंस विंग भी राहुल की लोकेशन का पता लगाने के लिए इनपुट एकत्र कर रही है। शुरुआती मूल्यांकन के मुताबिक, राहुल संभवतः भरोसेमंद पार्टी कार्यकर्ताओं की शरण में छिपे हो सकते हैं। सूत्रों ने यह भी बताया कि कांग्रेस के कुछ नेता, जिनके राहुल से करीबी संबंध हैं, अब पुलिस निगरानी में हैं। आशंका है कि इनमें से कुछ ने आरोपी को मदद दी हो।
इस बीच, जांच टीम ने पीड़िता के मेडिकल रिकॉर्ड जुटा लिए हैं, जिन्हें बुधवार को अदालत में पेश किया जाएगा। पुलिस ने दो अस्पतालों की पहचान की है जहां पीड़िता ने भारी रक्तस्राव के बाद उपचार कराया था, जो कि कथित तौर पर बिना किसी चिकित्सकीय मार्गदर्शन के कराए गए गर्भपात के कारण हुआ। कांग्रेस विधायक के खिलाफ दर्ज मामला केरल की राजनीति में नई हलचल पैदा कर रहा है, जबकि पुलिस किसी भी कीमत पर उन्हें अदालत की सुनवाई से पहले गिरफ्तार करने के दबाव में है।
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