केरल भाजपा के अध्यक्ष राजीव चंद्रशेखर ने आरोप लगाए हैं कि राज्य में यूडीएफ सरकार को मुस्लिम लीग और जमात-ए-इस्लामी कंट्रोल करती है, सिर्फ इसलिए स्वतंत्रता दिवस समारोह में ‘वंदे मातरम’ पूरा नहीं गाया गया।
इस पर सीपीएम के महासचिव एमए बेबी ने सोमवार को आईएएनएस से बात करते हुए कहा, “वंदे मातरम को लेकर हुए इस विवाद में सबसे अहम बात भाजपा का चालाकी भरा सांप्रदायिक एजेंडा है। आरएसएस अभी भी भाजपा को कंट्रोल करता है, लेकिन आजादी की लड़ाई के समय भाजपा नहीं थी।
एमए बेबी ने कहा, “‘वंदे मातरम’ आजादी की लड़ाई की ही देन है। बंगाल में अंग्रेज-विरोधी संघर्ष में संन्यासियों ने भी हिस्सा लिया था। वहां एक आंदोलन चला था। असल में, बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय का उपन्यास ‘आनंदमठ’ उसी आंदोलन पर आधारित है, जो ब्रिटिश साम्राज्यवाद के खिलाफ था। ‘वंदे मातरम’ गीत ‘आनंदमठ’ का ही हिस्सा है, लेकिन ‘वंदे मातरम’ में कुछ ऐसे हिस्से हैं, जहां हिंदू देवी-देवताओं का साफ तौर पर जिक्र किया गया है।”
उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा और आरएसएस भारतीय समाज में विवाद व बंटवारा पैदा करना चाहती हैं। इसलिए ‘वंदे मातरम’ को लेकर आरएसएस और भाजपा का नजरिया स्वीकार्य नहीं है।
झारखंड में छात्रों के प्रदर्शन पर उन्होंने कहा, “मैं चाहता हूं और उम्मीद करता हूं कि झारखंड सरकार जिम्मेदारी से काम करे और आंदोलन कर रहे छात्रों की जायज मांगों को सुने। मुझे उम्मीद है कि आज होने वाली यह बातचीत सफल होगी।”
वहीं, बंगाल में सीजेपी कार्यकर्ता के पिता पर हमले की घटना का जिक्र करते हुए सीपीएम नेता ने कहा, “सीजेपी की राज्य इकाई ने यह पता लगाने के लिए एक सर्वे शुरू किया है कि सरकारी स्कूलों में पढ़ाई-लिखाई का जरूरी सामान और सुविधाएं क्यों नहीं हैं। स्कूलों का ऑडिट भी किया जा रहा है। बंगाल में सीजेपी के एक कार्यकर्ता के घर पर भाजपा के लोगों ने हमला किया। परिवार के सदस्य भी यही कह रहे हैं।”
उन्होंने आगे कहा, “बंगाल में सीजेपी नेता के पिता की हत्या कर दी गई। सरकार चलाते हुए चुनाव और परीक्षाएं ठीक से कराने की अपनी जिम्मेदारी निभाने में भाजपा पूरी तरह नाकाम रही है। दूसरी ओर, जब लोग भाजपा सरकारों की गलतियों पर सवाल उठाते हैं, चाहे वह केंद्र सरकार हो या अब बंगाल में भाजपा के नेतृत्व वाली सरकार हो, तो लोगों पर हमले होते हैं और उनकी हत्या कर दी जाती है।”
